शातिर चोरों को ब्यावरा पुलिस ने 13 दिनों में गिरफ्तार कर न्यायलय में पेश किया।

आरोपियों के पास से कुल 6,00,000/- का मशरूका जप्त किया गया।
राजगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में चोरी एवं नकबजनी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक के एल बंजारे एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में तथा सिटी थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह धाकड़ के नेतृत्व में थाना ब्यावरा पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए शातिर चोरों के गिरोह का प्रेस वार्ता में एसडीओपी ने किया खुलासा। 29/03/2026 की दरमिनिया रात में 3,4 सुने मकानों के ताले तोड़कर चोरी की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था,उक्त घटनाओं को लेकर ब्यावरा शहर थाने में अपराध क्रमांक 218/26 , 242/26 , 243/26 एवं 244/26 धारा 331(4), 305 ए वीएनसी के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लेकर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। 90,100 सीसीटीवी फुटेज एवं साइबर सेल की मदद से ब्यावरा पुलिस ने 13 दिनों में आरोपियों की पहचान कर धर दबोचा और चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
पुलिस की गिरफ्तार में 4 आरोपी, आरोपियों के पास से कुल 6,00,000/- का मशरूका जप्त किया|
1. विष्णु पिता चंदूलाल मिलाला, निवासी फेटी, नलखेड़ा
2. विशाल सोनी पिता जगदीश सोनी, निवासी जीरापुर
3. शाहरुख खान पिता समद खान, निवासी नलखेड़ा
4. अशोक गायरी पिता लालचंद गायरी, निवासी नलखेड़ा,
आरोपियों के पास से बरामदगी
अपराध क्र 218/26 – 12000 रु नगद एक मंगलसूत्र कीमती 20000 रु , अपराध क्र 241/26 – 6000 रु नगद जप्त, अपराध क्र 243/26 – 5500 रु जप्त व क चाँदी की पायल कीमती 3000 रु।
कुल 6,00,000/- का मशरूका जप्त किया गया, जिसमें रु 23,500/- नगद, चोरी गई ज्वेलरी एवं घटना में प्रयुक्त ओमनी कार (कीमत लगभग ₹5,00,000/-) शामिल है। साथ ही चोरी करने के औजार भी जप्त किए गए।
मुख्य आरोपी की हकीकतः
गिरफ्तार आरोपी अशोक गायरी एक आदतन एवं शातिर अपराधी है, जिसके विरुद्ध चोरी के 23 मामले पहले से अलग अलग थानों में दर्ज हैं।
उक्त कार्यवाही में सराहनीय भूमिका में,
शहर थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़, उप निरीक्षक विवेक शर्मा, प्र.आर. 461 मनोज, आरक्षक 680 हेमंत, प्र.आर. 382 वीरेंद्र रावत, प्र.आर. 570 प्रमोद, प्र.आर. 544 शैलेन्द्र, आरक्षक 203 गुरुगोविंद , आरक्षक 307 राहुल, आरक्षक 759 दिनेश एवं साइबर सेल से आरक्षक हितेश की विशेष सराहनीय भूमिका रही।
![]()







