गढ़ाफाटक में कल विराजेगी माता काली ,१२३ सालों से आस्था का केंद्र बना दरबार
जबलपुर में गढ़ाफाटक स्थित अति प्राचीन श्री वृहत महाकाली महोत्सव समिति अपने १२३ वर्ष पुराने स्वर्णिम इतिहास को संजोकर १२४ वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। १६ फीट ऊंची माता महाकाली की प्रतिमा बनकर हुई तैयार, ३६५ दिन माँ भगवती के साक्षात दर्शन करने को आतुर रहने वालें श्रद्धालुओं का मन प्रफुल्लित हैं। यहां यूं तो १२ महीनों के माँ के दरबार में भक्तों का आना जाना लगा रहता है लेकिन शारदेय नवरात्रि पर पैर रखने की जगह नहीं रहती है। मगर समिति द्वारा इस वर्ष भी पूरी भव्यता के साथ माँ काली की प्रतिमा १५ अक्टूबर को स्थापित की जायेगी। महाकाली की स्थापना को लेकर ऐसी मान्यता है कि १२ वर्ष तक एक ही स्थान पर विधि विधान से प्रतिमा स्थापित की जाती है तो निश्चित तौर पर वह स्थान स्वयंसिद्ध हो जाता है और यह बात गढ़ाफाटक की महाकाली के सिद्ध स्थल से प्रमाणित हुई। इस दरबार से लाखो श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई हैं। नौकरियां, शादियां, बच्चों के जन्म, आपदाओं से छुटकारा, की प्रार्थना लेकर सच्चे मन से जो भी श्रद्धालु पहुंंचते है उनकी हर मनोकामना पूरी हो जाती हैं। उनकी आस्था द्विगुणित हो जाती है। मनोकामना पूरी होने पर कोई माता के दरवार में अखंड ज्योत जलाता है तो कोई श्रीफल अर्पित करता है जो जिसकी श्रद्धा होती हैं माँ के चरणों में अर्पित करता है। वर्तमान २०३३ तक के लिए प्रतिमा की न्यौछावर बुक हो चुकी है। श्री वृहत महाकाली महोत्सव समिति के बैनर तले नवरात्रि का उत्सव पूरी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। पूरे नौ दिन शहर का आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता हैं। तीन साल पहले कोरोना काल में ९० फीसदी स्थानों पर प्रतिमा नहीं रखी गई उस दौरान भी श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर १६ फीट की प्रतिमा की स्थापना की गई इस दौरान जिले भर से जनता यहां पहुंची। मातारानी के चमत्कार के आगे प्रशासन भी श्रद्धावनत रहा। बड़ी महाकाली की शहर में अपनी अलग पहचान है। जिनके मनोरथ सिद्ध हुए। वे अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर यह भी बताते है कि यहां आकर सच्चे मन से मनोकामना मांगने पर मातारानी मनोकामना पूरी करती हैं। किसी के कोर्ट कचहरी के काम बनते है किसी को नया जीवन मिलता है तो किसी की बरसो से सूनी गोद भर जाती है। जिनके विवाह विलंब से होता है उनका घर भी बस जाता है। ऐसे बहुतायत लोग है जो न केवल नवरात्रि पर बल्कि १२ महीने प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
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