धार भोजशाला में पूजन की मांग, मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल ने की बसंत पंचमी पर अखंड हिंदू पूजा की मांग

भोपाल। हिंदूवादी संगठन अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांतीय पदाधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल के रूप में धार जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल भोजशाला (धार नगर) में बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती वाग्देवी के जन्मोत्सव पर संपूर्ण हिंदू समाज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक निर्वाध पूजा-अर्चना का अधिकार सुनिश्चित किए जाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्टर भोपाल के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिसे अपर कलेक्टर पी.सी. शाक्य ने प्राप्त किया। अपर कलेक्टर ने संगठन पदाधिकारियों को आश्वस्त करते हुए ज्ञापन तत्काल वरिष्ठों तक भेज देने का आश्वासन दिया। इस दौरान उपस्थित राष्ट्रीय बजरंगदल प्रान्त उपाध्यक्ष सुरेश आचार्य ने कहा कि भोजशाला, जिसे राजा भोज द्वारा शारदा सदन / सरस्वती कंठाभरण के रूप में निर्मित कराया गया था, सनातन संस्कृति की अनुपम धरोहर है। वर्ष 1034 से यहां मां सरस्वती की साधना-आराधना की परंपरा रही है। ब्रिटिश काल (1904) में इसे राष्ट्रीय धरोहर माना गया तथा 1952 में भारत सरकार के पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक घोषित किया गया। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद प्रांत महामंत्री संजीव पटेरिया ने 7 अप्रैल 2003 को केंद्रीय पुरातत्व विभाग, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उक्त आदेश के तहत प्रति मंगलवार एवं बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू समाज को पूजा-अर्चना का अधिकार प्रदान किया गया है। बावजूद इसके, 2006, 2013 एवं 2016 में आदेश की मूल भावना का पालन न होने से क्षेत्र में तनाव उत्पन्न हुआ, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और जन-धन की क्षति हुई।
अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि 23 जनवरी 2026 (बसंत पंचमी) को भोजशाला परिसर में केवल हिंदू समाज को प्रवेश एवं अखंड पूजा-अर्चना की अनुमति दी जाए। उक्त दिन भोजशाला परिसर में नमाज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, जिससे शांति, सौहार्द एवं धार्मिक मान्यताओं की रक्षा हो सके। प्रांत उपाध्यक्ष सुरेश आचार्य ने शासन-प्रशासन से अपील की कि मुख्यमंत्री के वर्तमान कार्यकाल में आने वाली पहली बसंत पंचमी पर हिंदू समाज की आस्था का सम्मान करते हुए मां सरस्वती की अखंड पूजा सुनिश्चित की जाए। आचार्य ने चेतावनी दी है कि यदि पूर्व वर्षों जैसी स्थिति दोहराई गई तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी। राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारियों ने धार भोजशाला मां सरस्वती वाग्देवी को हिंदू समाज को सौंपे जाने सहित भोजशाला परिसर में नमाज बंद करने की मांग प्रमुख रूप से की है। ज्ञापन देते समय अन्तर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष सूरज यादव, राष्ट्रीय बजरंगदल जिलाध्यक्ष भार्गव, सुनील जोशी, संजय सराठे आदि उपस्थित रहे।

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