जिस पर बना सट्टे का प्रकरण वही पुलिस के खिलाफ झूठी भ्रमित खबरें प्रकाशित कर रहा है

एक फिल्म वक्त की कामयाबी का एक डायलॉग याद आ गया जिसमें एक्टर राजकुमार ने अपने डायलॉग में कहा जिनके घर शीशे के होते हैं वह दूसरों के घर पर पत्थर नहीं मारा करते ऐसा ही कुछ दामजीपुरा क्षेत्र के मोहदा थाने के अंतर्गत हुआ है जहां पर तथाकथित पत्रकार ने पुलिस की छवि को पूरी तरह धूमिल करने के लिए एक भ्रमित खबर प्रकाशित की है। बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक के मौदा क्षेत्र में एक खबर जिले में बहुत सुर्खियों मेरी जहां मोहदा ब्लॉक के तथाकथित पत्रकार ने पुलिस की छवि धूमिल करते हुए खबर प्रकाशित की जिसमें मोहदा थाना में पदस्थ एक पुलिसकर्मी के खिलाफ खबर प्रकाशित की जिसमें लिखा गया कि यह पुलिसकर्मी महाराष्ट्र से आए जुआरी को पहना दे रहा है लेकिन शायद तथाकथित पत्रकार खबरें प्रकाशित करने से पहले यह भूल गया कि मैं जिस सट्टे जुए की खबरें प्रकाशित कर रहा हूं शायद उससे मेरा पुराना तालुक हे और नए एसपी सिद्धार्थ चौधरी के आते ही सबसे पहले मेरे पर सट्टे के तहत कार्रवाई की गई थी और आज वही एक मीडिया कर्मी का चोला पहने हुए पुलिस की छवि को धूमिल कर रहा है अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन ऐसे पुलिस की छवि को धमिल करने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई करेगा। वहीं विश्वय सूत्रों से मिली जानकारी में जो आज पत्रकारती का चोला पहने हुए हैं वह दमजीपुरा और मोहदा में सटा किंग के नाम से जाना जाता है था! वही कुछ महा पहले हमारे अंक में 10/04/23 को थाना प्रभारी अंडमान के समय एक खबर प्रकाशित की गई थी जिसमें तथाकथित पत्रकार का उल्लेख भी किया गया था उसके बाद अंडमान थाना प्रभारी ने पकड़ कर उस पर 12/04/ 2023 को प्रकरण दर्ज कर कोर्ट के समक्ष पेश किया था और आज भी उसे मामले में उनकी पेशी होती है। वही जब दामजीपुरा के कुछ ग्रामीणों से बात करी तो उन्होंने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि इमरान, इदरेश खुद एक महोहदा दामजीपुरा में सटा किंग के नाम से मशहूर है वही तथाकथित पत्रकार के घर बालों पर खुद सट्टे के कई प्रकरण दर्ज है उसके बावजूद भी ऐसे अपराधि पत्रकारिता कर रहे हैं और अपनी जाति दुश्मनी निकालने के लिए पुलिस प्रशासन के खिलाफ भ्रमित खबरें प्रकाशित कर रहे हैं जिससे क्षेत्र और जिले में पुलिस की छवि खराब कर रहे है ऐसी भ्रमित खबरें चलने वाले पर बैतूल कप्तान संज्ञान में ले और ऐसे तथाकथित पत्रकारों की जानकारी निकाल कर प्रकरण दर्ज करें जिससे पत्रकारिता का स्तर भी बचा रहा है और पुलिस प्रशासन की छवि जो अपने आप को बचाने के लिए झूठी खबरें झूठी खबरें प्रकाशित कर छवि को धूलमिल कर रहा है।
![]()





