
बैतूल में कब क्या होजाए इसका अंदाजा बैतूल वाले नही लगा पाते अगर कुछ लोगों को जानकारी भी रहे तो नही बोल पाते क्यू की आखिर सवाल इन सत्ता धारी और पैसे वालो से करेगा कोन अगर किसी ने इन से सावल कर लिया तो अपनी राजनीतिक पकड़ तथा अपने आप को किसी अखबार का संपादक बताने के कारण इन से कोई सवाल नही कर पाते है और तो और अधिकारी भी कुछ नही बोल पाते है! जन चर्चा है की बैतूल के किसी स्कूल में किसी कॉलेज की परीक्षा चल रही थी जहा खूब जमकर नक़ल कराई जा रही है ताकि कलेज का रिजल्ट अच्छा आए और उसकी छवि खराब ना हो छात्र के परिजनों के मन में ये मनाल ना रहे की हमने हमारे बच्चो को गलत कालेज में पढ़ने भेज दिया खेर चर्चा ये भी है की जब उस स्कूल में छात्र एग्जाम दे रहे तो किसी पत्रकार का अचानक पहुंचा हो गया फिर क्या देखना उस स्कूल के सचालक के अंदर का राजनीति और पत्रकार जाग गया फिर क्या उस पत्रकार को वहा से बिना फ़ोटो और विडियो के आना पड़ा वही सूत्रों की माने तो कालेज और स्कूल से जुड़ी बाते मीडिया मे ना आए इस के लिए किसी वरिष्ठ पत्रकार को बकायदा एक लाख का लिफापा भी मिल है लेकिन वो कवाहत है अगर हवा चलती है तो पत्ते भी गिरते है अब देखना ये है कि क्या बैतूल मैं जो छात्र के भविस्य के साथ खिलवाड़ कर रहे उन पर कलेक्टर और शिक्षा विभाग क्या कोई एक्सन लेगा या लोग ऐसे ही छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे खेर इस बात मैं कितनी सच्चाई है इसका खुलासा बहुत जल्द एपिसोड दो मैं देखने को मिलेगा
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