कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका के आयुक्त कब ट्रैफिक विभाग के वार्डन पे देंगे ध्यान क्या आज की दुनिया में छह हज़ार के मानधन पर क्या किसी का परिवार चल सकता है? और जो ये राशि उन्हें प्राप्त होती है वह राशि भी उन्हें हर महीने पगार के रूप में न देकर तीन या चार महीने बाद दी जाती है तो क्या उनका परिवार कैसे चलता हैं ? यह सवाल आम नागरिकों के मन में आ रहा है, इसी पर कुछ समाजसेवकों ने हमें यह बताया कि भ्रष्टाचार को जो बढ़ावा दिया जा रहा है वह इसी का उदाहरण है आज के दौर में आम नागरिक हो या कोई बड़ा अधिकारी हो छह हज़ार में किसी का गुजारा नहीं हो सकता है तो यह कैसे करलेते है ? इसकी एक उच्च जांच होनी चाहिए और कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका इस विषय पर कब देंगे ध्यान ? या यूं ही चलता रहेगा भ्रष्टाचार इस खबर को पढ़ने के बाद देखते हैं कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका के आयुक्त इस विषय पर ध्यान देते हैं या अनदेखा कर देते हैं |
क्राइम रिपोर्टर शुभम मिश्रा
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