25 वर्षीय सेन समाज की बेटी बनी सांसद ,समाज में खुशी की लहर
नेपाल के धनुरा जिले के 25 साल के स्टार्मर राजकुमारी ठाकुर संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ संकल्प का एक ऐसा उदाहरण उभर कर सामने आया है, जिसने पूरे देश में युवाओं और महिलाओं को नई प्रेरणा दी है। साधारण परिवार से आने वाले स्टार्क ने अपने जीवन की कठिन ढलानों को पीछे छोड़ते हुए राजनीति के सर्वोच्च मंच-संसद-तक का सफर तय किया है।
विशेषज्ञ ठाकुर हाल ही में श्रमिक कल्चर पार्टी (एसएसपी) से अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत न्यूमोनिअम चॉइसैप दिए गए हैं। यह उपलब्धि केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष की जीत नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव और अवसर की अकुशलता का भी प्रतीक है।
साधारण परिवार, अन्य यात्रा
फार्मो का जन्म धनुरा जिले के जनकपुर उप-महानगरपालिका-14 मुजेलिया क्षेत्र में हुआ। उनके माता-पिता ने उनका पालन-पोषण बेहद कठिन पहाड़ों में किया। उनकी मां इकट्ठे बटटे पर मेकर वही करती हैं, जबकि पिता सैलून में बाल विलायती परिवार का खर्चा करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
शिक्षा और संघर्ष
स्टॉल्ट ने कड़ी मेहनत और लग्न से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। सीमित होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और यही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
राजनीति में नई पहचान
युवावस्था में ही संसदीय तक फ़्रॉचिक ठाकुर के सहयोगियों और सामाजिक मित्रों को शामिल किया गया है। उनका चयन नेपाल की राजनीति में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी का संकेत है।
प्रेरणा बनी दुकान
स्टॉर्म का यह सफर उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित साधन के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनका जीवन संदेश देता है कि परिश्रम, शिक्षा और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
अर्थशास्त्री ठाकुर का न्यूनतम नामांकन केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।
![]()







