राजकुमार मेवाड़ा
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श्यामपुर खंड के खंडवा मंडल में हिंदू समाज द्वारा आयोजित किया गया भव्य हिंदू सम्मेलन*
दिनांक 18 जनवरी 2026 दिन रविवार को श्यामपुर खंड के खंडवा मंडल में विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें मंडल के सभी गांवो से हिंदू समाज सम्मेलन में उपस्थित हुआ। विराट हिंदू सम्मेलन का प्रारंभ कलश यात्रा से किया गया जिसका सभी ग्राम वासियों ने फूलों और रंगोलियो के द्वारा भव्य स्वागत किया। कलश यात्रा के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के पश्चात भारत माता, तुलसी माता और गौ माता की पूजा की गई। तत्पश्चात संत समाज से पधारे सभी संतो और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पधारे क्षेत्र प्रचारक श्रीमान स्वप्निल जी कुलकर्णी का स्वागत किया गया। हिंदू समाज से पधारे वक्ता श्रीमान दीपक जी सिसोदिया ने अपने वक्तव्य में पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच हुए युद्धों का वर्णन करते हुए कहा कि भारत भूमि पर ऐसे वीर योद्धा ने भी जन्म लिया जिन्होंने मोहम्मद गौरी जैसे आक्रांता को 17 बार पराजित किया और उसका वध भी किया ।साथ ही उन्होंने महाराणा प्रताप के युद्ध पर भी प्रकाश डालते हुए कहा की कैसे अपने धर्म को बचाने के लिए महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाना स्वीकार किया पर विदेशी आक्रांता अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की बाद में उसको युद्ध भी हराया । उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि अंग्रेजों ने किस प्रकार भारतीय शिक्षा पर और संस्कृति पर प्रतिघात किया। साथ ही हिंदू बेटियों को जागरूक और सतर्क होने का आग्रह किया ,उन्हें लव जिहाद के बारे में जानकारी प्रदान की ओर समस्त मातृशक्ति और पुरुष वर्ग से आग्रह किया बच्चों में भारतीय संस्कृति का प्रवेश कराए। क्षेत्र प्रचारक श्रीमान स्वप्निल जी कुलकर्णी ने संघ की स्थापना के उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से बताते हुए कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण का कार्य करता है, ऐसे व्यक्ति का निर्माण करता है जो राष्ट्र निर्माण और धर्म रक्षा के लिए आगे जाकर कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना 1925 में हुई उसके बाद विभिन्न संघर्षों का सामना करते हुए आज संघ 100 वर्षों का हो गया है ।इन 100 वर्षों में संघ ने बहुत परिस्थितियों का सामना किया है तब जाकर आज संघ का विराट रूप विश्व देख रहा हे ।उन्होंने पांच परिवर्तन का विषय रखते हुए पांच परिवर्तन का आग्रह किया है जिसमें समरसता – छुआछूत खत्म करने का आग्रह, दूसरा नागरिक कर्तव्य- जिसके द्वारा नागरिकों को अपने कर्तव्य के प्रति जागृत होने का आग्रह किया ,तीसरा परिवर्तन पर्यावरण – जिसमें उन्होंने बताया कि हम अपने जन्म दिवस पर केक काटते हैं जो कि पश्चिमी सभ्यता की ओर धकेलना का कार्य कर रहा है ,इसको बंद करके अपने जन्म दिवस पर वृक्षारोपण का आग्रह किया है, चौथा परिवर्तन स्व का बोध – उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि हमें हमारे घर में उपयोगी या अन्य उपयोगी सामग्री ऐसे लेना चाहिए जो हमारे भारत देश में बनती हो, विदेशी सामग्री का उपयोग नहीं करना चाहिए , पांचवा परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन – पूरा परिवार मिलकर रहे साथ रहे । उन्होंने समस्त हिंदू समाज से आग्रह किया कि आगामी संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में बढ़-कर भाग लेकर उन कार्यक्रमों को सफल बनाकर संघ और समाज का विलय रूप सामने आए ,जो संघ के विचार हैं वह समाज के विचार बने यह आग्रह करते हुए उन्होंने अपना वक्तव्य समाप्त किया।
राजकुमार मेवाड़ा की विशेष रिपोर्ट
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