मगध विश्वविद्यालय के कुलपति क्यों नहीं पब्लिक कर रहे है कमेटी रिपोर्ट!

पीएचडी डिग्री सर्टिफिकेट पर कुलपती के तौर पर हस्ताक्षर करणे वाले व्यक्ती का नाम वीरेंद्र नाथ पांडे है। मगध विश्वविद्यालय के कुलपती के पद पर उनकी नियुक्ती बिहार राज्य के राज्यपाल एवं कुलाधीपती ने दिनांक 20 नवम्बर 2006 को की थी तो वो दिनांक 31 मई 2006 को हस्ताक्षर कैसे कर सकते है। क्योंकी 31 मई 2006 को मगध विश्वविद्यालय के कुलपती डॉ शमसुद्दीन हुसेन थे । इस प्रकार की फर्जी डिग्री बचाने का प्रयास मगध विश्वविद्यालय के मौजुदा कुलपती प्रोफेसर एस पी शाही कर रहे यह बेहद शर्मसार कर देनेवाली हरकत है। 28 अकतुबर 2000 रजिस्ट्रेशन बता रहे और 19 दिसंबर 2002 को थेसिस जमा किया जा रहा है । यह सब हुआ मगध विश्वविद्यालय मे बगैर उपस्थिती दर्ज किये। माईग्रेशन सर्टिफिकेट जमा किये बगैर पीएचडी की डिग्री मगध विश्वविद्यालय देता नही फिर भी अपणे ही बने नियमों की अनदेखी मगध विश्वविद्यालय के कुलपती प्रोफेसर एस पी शाही कर रहे है । उनको अपणे पद की गरिमा को धुमील नही करना चाहीए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को संज्ञान लेना चाहीए।

                                  क्राइम रिपोर्टर शुभम मिश्रा 

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