भोपाल खुलासा सुरेश आचार्य
जनसंख्या असंतुलन, संस्कारो के क्षरण व नशा खोरी पर अंकुश हेतु युवाओं से किया आव्हान
भोपाल।। भोपाल प्रवास पर आये केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि महाकुंभ मेला क्षेत्र प्रयागराज में 7, 8 और 9 फरवरी को विश्व हिंदू परिषद की त्रि-दिवसीय बैठक सम्पन्न हुई।
केंद्रीय बैठक में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति हेतु अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया।
मिलिंद परांडे ने बताया कि बैठक के प्रथम चरण में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अन्य हिंदू संगठनों के साथ मिलकर प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन दे कर मांग करेंगे कि सरकारें हिंदू मंदिरों को वापस हिंदू समाज को सौंपे।
प्रत्येक राज्यों मे आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों से मिलकर मंदिरों की मुक्ति हेतु आग्रह करेंगे।
विहिप प्रतिनिधि जब मुख्य मंत्रियों को मिलने जाएंगे तो वह अपने साथ उस राज्य के लिए इस संबंध में प्रस्तावित कानून का एक प्रारूप भी उनको सौंपेंगे।
उत्तर भारत और दक्षिण भारत में बड़ी जनसभाएं कर इस संबंध में अपनी मांगे जन जन तक पहुचाएंगे।
अभियान के अगले चरण में प्रत्येक राज्य की राजधानी व महानगरों में वहां के समाज की सभाएं कर इसके लिए व्यापक जन जागरण करेगें ।
केंद्रीय बेठक मैं पारित एक अन्य प्रस्ताव के विषय मे बताते हुए मिलिंद ने कहा कि हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर, हिंदू परिवारों के विखंडन, लिव इन रिलेशन, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंतनीय है।
इसमें देश की युवा पीढ़ी से कहा गया है कि ये समस्याएं हिंदू समाज के लिए चुनौती बन गई है, जिनका जवाब उन्हें देना होगा।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के सामने आने वाली हर चुनौती का हिंदू युवा शक्ति ने हमेशा जवाब दिया है। जनसंख्या असंतुलन हिंदू समाज के अस्तित्व के लिए घातक सिद्ध हो रहा है। हिंदुओं की घटती हुई जनसंख्या बहुआयामी प्रभाव निर्माण करती है। हिंदू इस देश की पहचान है। अगर हिंदू घटा तो देश की पहचान और अस्तित्व के लिए भी संकट के बादल छा जाएंगे। इस स्थिति को रोकने के लिए हिंदू युवाओं को आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि देरी से विवाह और उज्जवल भविष्य की भ्रामक अवधारणाओं के मकड़ जाल के कारण भी हिंदू दंपतियों के बच्चे कम हो रहे हैं।
25 वर्ष तक की उम्र में विवाह करना आज की आवश्यकता
संगठन महामंत्री ने बताया कि कई वैज्ञानिक अध्ययनो ने यह सिद्ध किया है कि यदि बच्चों का संपूर्ण विकास करना है तो प्रत्येक परिवार में दो या तीन बच्चे आवश्यक होने चाहिए।
प्रस्ताव में कहा गया है कि आज हिंदू संस्कारों के अभाव में परिवार संस्था पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं ।
पश्चिमी भौतिकवाद का बढ़ता प्रभाव, अर्बन नक्सल षड्यंत्र व ग्लोबल कॉरपोरेट समूह मनोरंजन माध्यम व विज्ञापनों के द्वारा युवाओं को भ्रमित व संस्कार विहीन बना रहा है।
इसी कारण विवाहेत्तर संबंध और लिव इन संबंध भी बढ़ रहे हैं।
विहिप ने युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटने का आह्वान किया जिससे सुखी पारिवारिक जीवन सुनिश्चित किया जा सके और बच्चों तथा बुजुर्गों को सामाजिक व भावनात्मक सुरक्षा भी दी जा सके।
देश में बढ़ती हुई नशे की प्रवृत्ति पर भी विहिप ने चिंता व्यक्त की है। 16 करोड़ से अधिक लोगों का नशे का आदी होना इस समस्या की भीषणता को प्रकट करता है।
विहिप ने युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वयं भी नशे की आत्मघाती प्रवृत्ति से दूर रहें तथा अपने शिक्षण संस्थान नगर व प्रांत को भी नशे से मुक्त बनाने के लिए वह बजरंगदल, दुर्गा वाहिनी व अन्य संगठनों का सहयोग करें।
साथ ही विहिप ने विभिन्न सरकारों से भी मांग की है कि वे नशे के व्यापार में लिप्त माफियाओं और आतंकियों के गठजोड़ पर अंकुश लगे व कठोर कानून बनाकर इस पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का प्रयास करें।
विहिप ने संकल्प लिया है कि वह अपनी लाखों इकाइयों, सत्संग व संस्कार शालाओं और सत्संग केंद्रों के माध्यम से इन सब विषयों पर जन जागरण करेगी और युवा शक्ति को इन प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने का आव्हान करेंगे।
बैठक में देश भर के सभी प्रांतों के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, हांगकांग मॉरीशस, दक्षिणी अफ्रीका, फ्रांस, थाईलैंड, श्रीलंका, नेपाल बांग्लादेश, गुयाना जैसे अनेक देशों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी व स्व का बोध जैसे पांच परिवर्तनों को भी जनमानस के आचार व्यवहार और संस्कारों का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया गया। विश्व भर में हिंदू समाज से जुड़े अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी विस्तार से विचार विनिमय हुआ।
केन्द्र के इन महत्वपूर्ण विषयों पर योजना हेतु मध्यभारत प्रान्त की प्रांत बैठक दिनांक 8 और 9 मार्च 2025 को गुना में आयोजित की जा रही है।
![]()





