पेट्रोल पंप के लिए 5 वर्ष से सांसद के चक्कर लगा रहा शहीद परिवार

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सांसद जनार्दन मिश्रा ने दिए आश्वासन पर आश्वासन लेकिन शहीद के परिवार को नहीं मिला पेट्रोल पंप

*कलेक्टर और कमिश्नर को भी दे चुके हैं  ज्ञापन लेकिन नहीं हुई कोई सुनवाई//*

**शहीदों के प्रति सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अन्तर//*

प्रधानमंत्री कार्यालय और पेट्रोलियम मंत्री ने भी मात्र पत्राचार तक सीमित रखी कार्यवाही

इंडियन आयल कम्पनी के महाप्रबंधक ने बताया की मंत्रालय स्तर से जारी होता है पेट्रोल पंप

*मंत्रालय से मात्र आश्वासन तक ही सीमित रही कार्यवाही//*

5 वर्ष से अधिक समय से शहीद राइफलमैन रघुनाथ प्रसाद द्विवेदी के पिता रिटायर्ड आर्मी कैप्टेन आर एस द्विवेदी लगा रहे नेताओं और कर्यालाओं के चक्कर

रिटायर्ड आर्मी कैप्टेन ने थक हारकर कहा भाजपा सरकार का शहीदों के प्रति सम्मान का भाव मात्र घडियाली आंस

  सरकार शहीदों के लिए बड़े बड़े दावे करती है लेकिन कथनी और करनी में बड़ा अन्तर है. एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमे रीवा के शहीद का एक परिवार कार्यालय दर कार्यालय चक्कर लगा रहा है लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

🔸 *म्यामार बॉर्डर में शहीद हुआ थे राइफलमैन रघुनाथ प्रसाद द्विवेदी*

   रीवा जिले के जवा ब्लाक और रौली ग्राम से ताल्लुक रखने वाले राइफलमैन रघुनाथ प्रसाद द्विवेदी 17 नवम्बर वर्ष 2015 में म्यामार बॉर्डर में उग्रवादियों को मारते हुए शहीद हो गए. वीर शहीद को मुख्यमंत्री मद्यप्रदेश शासन, गृह मंत्रालय सहित अन्य विभागों से औपचारिक शोक संवेदना पत्र जारी किये गए थे. पर यह सब दिखावे तक ही सीमित रहे. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शोक संवेदना भेजते हुए टीप के द्वारा सहीद के परिवार को पेट्रोल पंप भी जारी किया जाएगा इस प्रकार कथन किया था.

🔹  *सांसद जनार्दन मिश्रा का पत्र मात्र औपचारिकता तक सीमित*


   जब शहीद के पिता रिटायर्ड आर्मी कप्तान रामसुमिरन द्विवेदी ने रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा से सम्पर्क किया तो वोट बैंक के लिए सांसद के आश्वासन का सिलसिला जारी हुआ. सांसद ने दो बार पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को भी पत्र जारी किया और पेट्रोल पंप आवंटन के लिए अनुसंसा किया. लेकिन सांसद ने स्वयं भी इस पर कोई रूचि नहीं ली. सांसद मात्र पत्राचार कर शांत हो गए जिससे शहीद परिवार को मात्र आभासी एहसास हो जाय की सांसद ने रूचि लिया है. रिटायर्ड आर्मी कप्तान और शहीद के पिता आर एस द्विवेदी ने बताया की जब भी उन्होंने सांसद से सम्पर्क किया तब सांसद ने मात्र आश्वासन ही दिया. लेकिन आज 2021 समाप्त होने वाला है और रघुनाथ प्रसाद द्विवेदी को शहीद हुए 6 वर्ष होने को हैं लेकिन शहीद के परिवार को कोई पेट्रोल पंप का आवंटन नहीं हुआ है. 

🔸 *कलेक्टर डॉक्टर इलैयाराजा टी के समक्ष भी लगाईं गुहार*

  शहीद के पिता रिटायर्ड आर्मी कप्तान आर एस द्विवेदी ने अभी हाल ही में लॉक डाउन के पहले 17 मार्च 2021 को कलेक्टर रीवा डॉक्टर इलैयाराजा टी को भी व्यक्तिगत मिलकर अपनी पूरी व्यथा सुनाई लेकिन कलेक्टर ने भी औपचारिक तौर पर इंडियन आयल कम्पनी भोपाल को पत्र जारी कर यथोचित कार्यवाही के लिए कहा. लेकिन क्या कार्यवाही हुई यह पता नहीं और पेट्रोल पंप मिलने की बात तो बहुत दूर की है.

🔹 *पीएमओ सहित केन्द्रीय मंत्रालय को लिखा पत्र, नहीं हुई कार्यवाही*

    बात यहीं आकर नहीं रुकी. जब शहीद के पीड़ित परिवार की कोई सुनवाई नहीं हुई तब थक हारकर पीड़ित के परिजनों ने केंद्रीय मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी कई बार पत्र लिखा लेकिन अमूमन जैसे होता आया है वही हो रहा है. बड़े से बड़े कार्यालय मात्र पोस्ट ऑफिस की तरह काम कर रहे हैं और मामले में कोई रूचि नहीं ले रहे हैं. उच्चस्तरीय कार्यालय अपने निचले स्तर के कार्यालयों को आवेदनों को अंतरित कर देते हैं और स्वाभाविक है की निचले स्तर के कलेक्टर और कमिश्नर कार्यालय तो पेट्रोल पंप का आवंटन करेंगे नहीं. पेट्रोल पंप का आवंटन तो मंत्रालय स्तर से ही होना है लेकिन मंत्रियों को शहीदों से कोई लेना देना नहीं है वह बात अलग है की जब कोई शहीद होता है तो दिखावे के तौर पर आमजन और मीडिया में सुर्खियाँ बटोरने के लिए श्रधांजलि देने वाले नेताओं और मंत्रियों की लाइन लग जाती हैं. लेकिन यह घडियाली आंसू कुछ दिनों के बाद हमेशा के लिए शांत हो जाते हैं.

🔸 *कमिश्नर रीवा संभाग अनिल सुचारी को दिया ज्ञापन, पेट्रोल पंप की लगाईं गुहार*

   अभी पिछले दिनों 22 जुलाई 2021 को एक बार पुनः शहीद के पिता कैप्टेन आर एस द्विवेदी ने व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर कमिश्नर रीवा संभाग अनिल सुचारी को ज्ञापन और आवेदन सौंपा और कार्यवाही की माग करते हुए पेट्रोल पंप आवंटित करने की माग की है. आवेदन स्वीकारते हुए कमिश्नर रीवा संभाग अनिल सुचारी ने कहा है की वह आवेदन को सक्षम अधिकारियों के समक्ष भेज देंगे और साथ में यथोचित कार्यवाही की बात कही है.

🔹 *क्या कहना है शहीद के पिता कैप्टेन आर एस द्विवेदी का*

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    पूरे मामले में अपना बयान देते हुए रिटायर्ड आर्मी कैप्टेन रामसुमिरन द्विवेदी ने कहा की सरकार और मंत्री शहीदों के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं. जब कोई जवान बॉर्डर में शहीद होता है तब नेताओं की भीड़ लग जाती है. हर व्यक्ति क्रेडिट लेने से पीछे नहीं हटता. सभी मीडिया की सुर्खियाँ बटोरते हैं लेकिन इसके बाद जैसे ही चिता की आग ठंडी पड़ जाती है तब से शहीदों के परिजनों की दुर्दशा प्रारंभ हो जाती है. थोड़ी सी सुविधा के लिए वर्षों कार्यालयों और मंत्रियों नेताओं के चक्कर लगाने पड़ते हैं. यह बात पहले हमे सुनने को मिलती थी लेकिन हम स्वयं पिछले 5 वर्षों में अनुभव कर चुके हैं. हम कई बार सांसद, नेताओं, मंत्रियों और कार्यालयों के पास गए और सबने कहा की आपका काम हो जायेगा हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन आज तक शहीद के नाम पेट्रोल पंप का आवंटन नहीं हुआ. हम पूरी तरह से थक हार गए हैं और जनता को बताना चाहते हैं की कभी भी वह नेताओं की बातों और आश्वासनों पर विश्वास न करें. नेताओं के चक्कर लगाते हुए हमने अपनी पेंशन के लाखों रूपये बर्बाद कर दिए लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ. अब हम सिर्फ भगवान् पर ही विश्वास कर रहे हैं की शायद कुछ हो जाए. इस सरकार और इन नेताओं से हमे कोई आशा नहीं बची है।

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