Khulasa Rajgarh M.P.:-2017 में बच्ची ने की थी आत्महत्या,दूर के रिश्तेदार ने ही दिया घटना को अंजाम , पुलिस टीम ने किया खुलासा – SP

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ब्यावरा।। आत्महत्या के मामले में पुलिस टीम ने किया बड़ा खुलासा , बलात्कार से क्षुब्ध नाबालिग बालिका ने की थी 3 वर्ष पूर्व आत्महत्या, मर्ग कायम कर जांच के दौरान संदेह के आधार पर लिया आरोपी को हिरासत में।

बलात्कार करने वाला आया पुलिस के शिकंजे में, दूर के रिश्तेदार ने ही दिया घटना को अंजाम।

महिला संबंधी मामलों में विशेष रूचि लेकर पुलिस मुख्यालय द्वारा संपूर्ण प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है वहीं जिला राजगढ़ में महिलाओं/बालिकाओं के साथ जघन्य अपराध घटित करने वाले अपराधियों की धरपकड़ के लिए जिला पुलिस कप्तान के कड़े निर्देशों के फल स्वरुप एसडीओपी ब्यावरा श्रीमती किरण अहिरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ब्यावरा शहर निरीक्षक राजपाल सिंह राठौर व उनकी टीम ने बालिका के साथ बलात्कार जैसा घृणित कृत्य करने वाले उसके रिश्तेदार को हिरासत में लिया है, घटना के बाद से ही बालिका के लगातार क्षुब्ध रहने के चलते बालिका ने आत्महत्या कर ली थी।


दिनांक 22.06.2017 को थाना ब्यावरा शहर में नाबालिग लड़की के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना प्राप्त हुई थी चूंकि मामला नाबालिग बालिका की आत्महत्या से जुड़ा था जिस पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना ब्यावरा शहर में मर्ग क्रमांक 32/17 धारा 174 जा फो के तहत कायम कर जांच में लिया जाकर आत्महत्या के कारणों की पतारसी की गई, मर्ग सदर में जांच के बाद बलात्कार के पश्चात आत्महत्या करने का खुलासा होने पर मामले में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 439/2020 धारा 376, 305 भादवि, 3/4 पोक्सो एक्ट के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दरअसल मर्ग जांच के दौरान पता चला कि मृतिका के साथ बलात्कार किया गया था संभवतः बलात्कार से क्षुब्ध हो कर नाबालिग बालिका द्वारा आत्महत्या करने जैसा गंभीर रास्ता अख्तियार किया था।

अपराध में विवेचना के दौरान अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास किए गए परंतु अज्ञात आरोपी चिन्हित नहीं हो सका थाना प्रभारी ब्यावरा राजपाल सिंह राठौर के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम के द्वारा अथक प्रयासों के बाद और तकनीकी संसाधनों के सहयोग से मृतक पीड़िता के दूर के रिश्तेदार आबिद खान जिसे मृतिका मामू कहकर पुकारा करती थी उसे साक्षियों के द्वारा दिए गए कथनों में संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया।

संदेही आबिद से पूछताछ के दौरान उसने चौंकाने वाले खुलासे किए, आरोपी लंबे समय तक पुलिस को पूछताछ के दौरान यहां वहां की बातें करता रहा परंतु आखिरकार अपनी गलती को स्वीकार कर पूछताछ में उसने स्वयं के द्वारा किए गए जघन्य कृत्य को करना कुबूल कर लिया आरोपी ने बताया कि लड़की मुझे मामू कहकर बुलाती थी पर कुछ समय बाद मुझे वह अच्छी लगने लगी जब मैंने उसे यह बात बताई तो उसने मुझे नकार दिया जिस पर मैंने उसे अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कई जतन किए पर वह लड़की मानने को तैयार नहीं थी तभी मैंने उसके साथ ज्यादती कर उसे मेरा साथ देने के लिए दबाव बनाया और उसे बताया कि अगर यह बात किसी और को पता चली तो अभी तो यह शुरुआत है आगे तेरे साथ और भी कुछ गलत हो सकता है। आरोपी द्वारा किए गए एकबाले जुर्म के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया उक्त आरोपी घटना के समय वर्ष 2017 से ही फरार चल रहा था।

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उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिंह राठौर, उनि रजनेश सिरोठिया, उनि संध्या रघुवंशी, उनि लीला शंकर भाटी, प्रआर 91 सुनीता भाबर, प्रधान आरक्षक दीप कला सोनी, प्रधान आरक्षक कुलदीप पांडे, आर श्याम रघुवंशी, आरक्षक बलवीर सिंह, आरक्षक रामकुमार रघुवंशी आरक्षक चंदन सिंह ,आरक्षक अवधेश जाट ,महिला आरक्षक कविता रघुवंशी, आर राहुल शाक्यवार , आरक्षक पिंकल बंसल, आरक्षक रिंकेश धाकड़, आरक्षक विक्रम धाकड़ एवं प्रधान आरक्षक चालक संजय बाथम की विशेष भूमिका रही साथ ही सायबर सेल से उप निरीक्षक विनोद मीणा, प्रधान आरक्षक 408 प्रदीप शर्मा एवं आरक्षक पवन मीना ने टीम का सहयोग कर आरोपी की गिरफ्तारी में सराहनीय योगदान दिया।



          
           
                                                                                 
        

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