रीवा//गंगेव ब्लाक अंतर्गत कैथा पंचायत में तत्कालीन सरपंच संत कुमार पटेल को हटा कर पंचो के द्वारा नये प्रधान की हुई नियुक्ति

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हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों के बीच कैथा प्रधान की हुई नियुक्ति // निवर्तमान और बर्खास्त सरपंच संत कुमार पटेल की रिकवरी और बर्खास्तगी के बाद भीमसेन पटेल को कैथा प्रधान के तौर पर पंचों ने किया निर्वाचित

गंगेव ब्लाक अंतर्गत कैथा पंचायत में तत्कालीन सरपंच संत कुमार पटेल के ऊपर भ्रष्टाचार सिद्ध होने और लगभग 18 लाख की रिकवरी अधिरोपित होने एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420 और 34 के तहत सचिव अच्छेलाल पटेल के साथ संत कुमार पर एफआईआर दर्ज कर बर्खास्त कर दिया गया था. इस बीच दिनांक 13 जुलाई 2021 को नए प्रधान की नियुक्ति के लिए चुनाव किया गया. चुनाव में कुल 18 पंचों में 16 पंच ही उपस्थित रहे. इस बीच 16 पंचों के बीच हुए चुनाव में चार प्रत्यासी चुनाव मैदान पर उतरे. चुनाव पंचों के माध्यम से किया जाना था. 16 उपस्थित पंचों में चुनाव का पर्चा भरने वाले प्रत्याशियों में यज्ञभान पटेल, भीमसेन पटेल, प्रसंनलाल केवट और मालती पटेल पति पूर्व सरपंच अमृतलाल पटेल सम्मिलित रहीं. चुनाव में भीमसेन पटेल को सर्वाधिक 7 पंचों के मत हासिल हुए और कैथा पंचायत के प्रधान पद पर नियुक्त किया गया. अन्य प्रत्याशियों में यज्ञभान पटेल दूसरे नंबर पर रहे और उन्होंने कुल 6 पंचों के वोट हासिल किये. जहां प्रसन्नलाल केवट को मात्र 2 पंचों के वोट हासिल हुए वहीँ पूर्व कैथा सरपंच रहे इटहा निवासी अमृतलाल पटेल की पत्नी मालती पटेल को मात्र उन्ही का एक मात्र वोट हासिल हुआ।

उपस्थित सूत्रों ने बताया की जैसे ही चुनाव में मतपत्रों की घोषणा हुई वैसे ही वहां उपस्थित अमृतलाल पटेल की पत्नी मालती पटेल के समर्थकों में सदमा लगा जिसमे पटेल वर्ग के लोगों मुरली पटेल और अमरनाथ पटेल आदि सदमे में आ गए. यद्यपि फिर उपस्थित लोगों ने सांत्वना दी जिसके बाद लोग संभले।

प्रधान के चुनाव में हुई हॉर्स ट्रेडिंग

सूत्रों और चश्मदीदों ने बताया की प्रधान के चुनाव के उपरांत कुछ पंच जैसे ही पंचायत भवन कक्ष से बाहर निकले वैसे ही वह नियुक्त प्रधान भीमसेन पटेल को कहने लगे की हमने तुम्हे वोट तो दे दिया है लेकिन जो तय हुआ था उसके अनुसार मेरा पैसा वापस करो. हल्ला करने से आसपास के ओग चौकें और सबको समझ आया की इस प्रधान के चुनाव में भी हॉर्स ट्रेडिंग का काम हुआ था. हॉर्स ट्रेडिंग में आवाज उठाने वाले पंचों में तारा देवी साकेत पति लालजी साकेत और सियावती कोल पति अर्जुन कोल थीं जिन्होंने प्रधान के नियुक्ति के उपरांत तत्काल ही कक्ष से बाहर निकलते ही हल्ला मचा दिया. जैसे ही हला हुआ तो लोग चौंक गए. यद्यपि फिर भीमसेन ने उन्हें अपने पास बुलाकर मामला शांत किया लेकिन लोगों गड़बड़ का पता चल गया.

पुलिश की उपस्थिति में हुआ प्रधान का मतदान

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कैथा ग्राम पंचायत का प्रधान और पूर्व सरपंच संत कुमार पटेल जिला रीवा कलेक्टर डॉक्टर इलैयाराजा टी के आदेश के द्वारा दिनांक 15 जनवरी 2021 को बर्खास्त करने बाद निरंतर लगभग 6 माह से कैथा प्रधान का पद खाली पड़ा था. बीच में प्रशासकीय समिति में भी घोटाला पकड़ा गया था जिसमे 18 में से मात्र 13 पंचों को ही समिति में रखा गया था. इसके बाद सामाजिक और आर टी आई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने जानकारी निकाली और शिकायत की जिसके उपरांत समिति में 18 सदस्य जोड़े गए और अब जाकर प्रधान का चुनाव हुआ. इस बीच बता दें इटहा ग्राम के अस्थायी पंचायत भवन सह आंगनवाड़ी केंद्र और कोटे में आयोजित किये गए प्रधान नियुक्ति के मतदान में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टालने और सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने के लिए गढ़ थाना के थाना प्रभारी शिवचरण टेकाम अपने दल बल के साथ पहुचें और कानून व्यवस्था का जायजा लेने के उपरांत एक सहायक उप निरीक्षक और सिपाही को छोड़कर निकल गए. इस प्रकार हॉर्स ट्रेडिंग की वारदात के अतिरिक्त कोई अन्य अप्रिय घटना सुनने को नहीं मिली।

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