Bhopal MP Khulasa//पश्चिमी बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं व जिहादियों द्वारा की गई अभूतपूर्व हिंसा व अत्याचार के विरुद्ध VHP ने सौंपा ज्ञापन !

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भोपाल // पश्चिमी बंगाल के चुनाव परिणामों के घोषित होने के साथ ही वहां पर सत्तारूढ़ दल टीएमसी के समर्थकों व जिहादियों ने जिस प्रकार हिंसा का तांडव किया है उससे पूरा देश चिंतित है । चुनाव महान भारत के लोकतंत्र का महापर्व है परंतु इस चुनाव के दौरान ही हिंसा की जिस प्रकार पटकथा लिखी गई थी वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला पृष्ठ है। यह कहना है विश्व हिन्दू परिषद् मध्यभारत प्रान्त उपाध्यक्ष अनिल गोयल का !

पश्चिमी बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं व जिहादियों द्वारा की गई अभूतपूर्व हिंसा व अत्याचार के विरुद्ध VHP ने सौंपा ज्ञापन !

गोयल ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार में जो धमकियां दी थीं, चुनाव परिणाम आते ही उनके समर्थकों ने उनका पालन शुरू कर दिया। जिस प्रकार टीएमसी समर्थकों ने जिहादियों के साथ मिलकर निर्दोष लोगों की क्रूरता पूर्ण हत्या की ,घरों तथा दुकानों को लूटा एवं जलाया ,मंदिरों पर हमले किए गए ,महिलाओं के साथ बर्बरता पूर्ण बलात्कार करके उनकी हत्याएं की गई उसके कारण संपूर्ण बंगाल भयाक्रांत हो गया है ।अनुसूचित जाति व जनजाति समाज के बंधु बहनों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने के लिए विवश हो गए हैं।

गोयल ने बताया कि दुर्भाग्यवश बंगाल का प्रशासन इस पाशविक हिंसा का या तो मूकदर्शक बना है या कहीं हिंसक तत्वों का सहायक बना हुआ भी दिखाई देता है । ऐसा लगता है कि बंगाल में शासन व्यवस्था दंगाइयों की हाथ की कठपुतली बना हुआ है । सुश्री ममता बनर्जी के पिछले दो शासनकाल में भी वहां का हिंदू समाज त्रस्त रहा है परंतु इस शासन काल का प्रारंभ जिस ढंग से हुआ है उससे पूरा देश यह समझ रहा है कि अगर इसी समय बंगाल के प्रशासन को नियंत्रित नहीं किया गया तो आगामी 5 साल में बंगाल का हिंदू समाज एक अभिशप्त जीवन जीने के लिए विवश हो जाएगा।
हो सकता है कुछ स्थानों पर हिंदू समाज आत्मरक्षा के लिए स्वयं कुछ उपाय करने पर मजबूर हो जाए । दोनों ही स्थितियां पूरे देश के लिए चिंता का विषय हैं ।

गोयल ने बताया कि दुर्भाग्यवश बंगाल का प्रशासन इस पाशविक हिंसा का या तो मूकदर्शक बना है या कहीं हिंसक तत्वों का सहायक बना हुआ भी दिखाई देता है । ऐसा लगता है कि बंगाल में शासन व्यवस्था दंगाइयों की हाथ की कठपुतली बना हुआ है । सुश्री ममता बनर्जी के पिछले दो शासनकाल में भी वहां का हिंदू समाज त्रस्त रहा है परंतु इस शासन काल का प्रारंभ जिस ढंग से हुआ है उससे पूरा देश यह समझ रहा है कि अगर इसी समय बंगाल के प्रशासन को नियंत्रित नहीं किया गया तो आगामी 5 साल में बंगाल का हिंदू समाज एक अभिशप्त जीवन जीने के लिए विवश हो जाएगा।
हो सकता है कुछ स्थानों पर हिंदू समाज आत्मरक्षा के लिए स्वयं कुछ उपाय करने पर मजबूर हो जाए । दोनों ही स्थितियां पूरे देश के लिए चिंता का विषय हैं ।

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प्रान्त प्रचार प्रसार प्रमुख जीतेन्द्र चौहान ने बताया कि ज्ञापन देने के लिए विहिप क्षेत्रीय संगठन मंत्री दिनेश चंद्र उपाध्याय, प्रान्त संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव, प्रान्त उपाध्यक्ष अनिल गोयल मुख्य रूप से उपस्थित रहे !

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