Bhopal MP Khulasa//भोपाल में कोचिंग क्लासेस को छूट:50% क्षमता से खुल सकेंगी कोचिंग क्लास, कलेक्टर ने जारी किए आदेश; कोरोना गाइडलाइन का पालन करना जरूरी!

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बुधवार को मध्यप्रदेश कोचिंग ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए। - Dainik Bhaskar

बुधवार को मध्यप्रदेश कोचिंग ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए।

भोपाल में 50% क्षमता से कोचिंग क्लास खुल सकेंगी। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बुधवार को छूट के आदेश जारी कर दिए। हालांकि, कोचिंग क्लास संचालकों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होगा। बिना मास्क के क्लास में प्रवेश नहीं दिया जाएगा तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी करना होगा। लापरवाही पाए जाने पर संचालकों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

CM ने दिए थे संकेत, मिला था प्रतिनिधिमंडल
बुधवार को ही प्रदेश के कोचिंग संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने CM शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी। इसके बाद CM ने भी कोचिंग क्लास खोलने के संकेत दे दिए थे। उन्होंने कहा था कि कोचिंग संचालक अपने संस्थानों में कोरोना अनुकूल व्यवहार का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।

मध्यप्रदेश कोचिंग ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण बकोरिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोरोना महामारी से जिन विद्यार्थियों के माता-पिता का निधन हो गया है, उनके लिए एसोसिएशन द्वारा कोचिंग और हॉस्टल का नि:शुल्क प्रबंध किया गया है। CM के संकेत मिलने के बाद भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी कर दिए।

छात्र-छात्राओं का वैक्सीनेशन होना जरूरी
एक बार में कितने विद्यार्थी कोचिंग आ सकेंगे?

– एक बार में 50%। यानी एक कोचिंग में 100 छात्र हैं तो सिर्फ एक बार में 50 ही बुला पाएंगे

कोविड से बचाव के लिए क्या इंतजाम किए जाएंगे?
– एंट्री के समय बच्चों का तापमान लिया जाएगा। वैक्सीनेशन का मैसेज चेक किया जाएगा।

विद्यार्थियों के बैठने की क्या व्यवस्था रहेगी?
– एक बच्चे को एक बेंच पर बैठाया जाएगा। अभी एक बैंच पर तीन बच्चों को बैठाया जाता है।

क्या स्टाफ का वैक्सीनेशन होना जरूरी है?
– शासन की गाइडलाइन के अनुसार कोचिंग के स्टाफ और 18 साल के ऊपर के छात्र-छात्राओं का वैक्सीनेशन होना जरूरी होगा।

कोविड-19 के नियमों की निगरानी कैसे होगी?
– इसकी निगरानी प्रशासन के अफसरों द्वारा रेंडम की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी में 400 से ज्यादा कोचिंग संस्थान
भोपाल में 400 से ज्यादा छोटी बड़ी कोचिंग संचालित होती हैं। इन कोचिंग में 4 से 5 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते हैं। सालाना करीब 200 से 250 करोड़ का कारोबार होता है। कोचिंग संस्थान से जुड़े करीब 10 हजार से अधिक लोग जो पूरी तरह से कोचिंग पर ही निर्भर हैं।

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भोपाल प्राइवेट कोचिंग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय तिवारी ने बताया कि अधिकांश कोचिंग एमपी नगर और आसपास के क्षेत्रों में ही संचालित होती हैं। इनमें से ज्यादातर किराए के भवन में लगती हैं। यहां का किराया ही औसतन 30 हजार से एक लाख रुपए तक है। इस फैसले से कोचिंग संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

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