MP/Rewa//थर्सडे आरटीआई मीट – मानवाधिकार से जुड़ी समस्याओं पर हुई चर्चा

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10 दिसंबर मानवाधिकार दिवश पर हुआ विशेष आयोजन// मानवाधिकार की सुरक्षा हर शिक्षित नागरिक का दायित्व// रविवार 13 दिसंबर को सौम्या किदाम्बी होंगी विशिष्ट अतिथि।।

10 दिसंबर मानवाधिकार दिवस के अवसर पर थर्सडे आरटीआई मीट का आयोजन किया गया जिसमें वरिष्ठ सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता सहित देश के विभिन्न हिस्सों से अनुभवी वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे।

हर बृहस्पतिवार आयोजित होता है थर्सडे आरटीआई मीट

बता दे कि आरटीआई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी, अधिवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट नित्यानंद मिश्रा, शिवेंद्र मिश्रा एवं कार्यकर्ता अरुणेंद्र पटेल, धीरेंद्र शेखर पांडे, रविशंकर मिश्रा, स्वतंत्र शुक्ला सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं की मदद से प्रत्येक बृहस्पतिवार सुबह 9:00 बजे से लेकर 10:00 बजे तक 1 घंटे आरटीआई से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों को लेकर थर्सडे आरटीआई मीट का आयोजन किया जाता है। जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से दर्जनों आरटीआई कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, वरिष्ठ नागरिक, सिविल राइट्स एक्टिविस्ट एवं अन्य लोग हिस्सा लेते हैं।

10 दिसंबर मानवाधिकार दिवस पर हुआ विशेष आयोजन

इस बीच 10 दिसंबर मानवाधिकार दिवस पर इस थर्सडे आरटीआई मीट में विशेष आयोजन किया गया जिसमें मानवाधिकार से जुड़े हुए मुद्दों पर खासतौर से चर्चा की गई। अभी हाल ही में जबकि हम कोरोना संक्रमण काल से बाहर नहीं निकल पाए हैं ऐसे में कोरोना काल में जिस प्रकार मजदूरों किसानों और साथ में गरीब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा उस विषय में थर्सडे आरटीआई मीट में चर्चा की गई। आरटीआई में धारा 7(1) के अंतर्गत 48 घंटे के भीतर प्राप्त की जाने वाली जानकारी जिसमें लाइफ एंड लिबर्टी अर्थात जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े हुए सवाल रहते हैं उनके विषय में जोर दिया गया जो सीधे व्यक्ति के मानवाधिकार से जुड़े हुए मुद्दे रहते हैं। भारत में निरंतर गिरते हुए मानवाधिकार के स्तर जिसमें बाल मजदूरी, महिलाओं पर अत्याचार, गरीबों का शोषण, बढ़ता भ्रष्टाचार आदि ऐसे ज्वलंत मुद्दे हमेशा ही सामने रहते हैं ऐसे में इन समस्याओं से किस प्रकार निजात पाई जाए और कैसे हमारे मानवाधिकार को सुरक्षित रखा जाए इस विषय पर आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने थर्सडे आरटीआई जूम मीट को संबोधित किया।

सोशल ऑडिट और जनसुनवाई हमारा सशक्त हथियार

इस बीच आरटीआई की धारा 4 एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त की जाने वाली जानकारियों के आधार पर सोशल एवं पब्लिक ऑडिट के साथ जनसुनवाई का प्रयोग कर कैसे समाज में पारदर्शिता जवाबदेही लाई जाए और कैसे जन-जन को इसके विषय में जागरूक किया जाए इस विषय पर उपस्थित वरिष्ठ सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ताओं ने चर्चा की। अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा ने बताया कि सोशल ऑडिट और जनसुनवाई लोकतांत्रिक समाज में आम जनता का सबसे सशक्त हथियार है जिसका सुनियोजित ढंग से प्रयोग कर समाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाई जा सकती है। वही अधिवक्ता शिवेंद्र मिश्रा ने बताया कि गांव में छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर पब्लिक ऑडिट और जन जागरूकता फैलाई जा सकती है जिसमें जनसुनवाई के जरिए मुद्दों को उठाकर मीडिया और प्रशासन के सहारे बेहतर समाज निर्माण में मदद मिल सकती है।
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रविवार 13 दिसंबर को सोशल ऑडिट एक्सपर्ट सौम्या किदाम्बी होंगी विशिष्ट अतिथि

कार्यक्रम के दौरान एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने जानकारी दी कि अगले रविवार 13 दिसंबर सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आरटीआई एवं सोशल ऑडिट जनसुनवाई भाग-2 कार्यक्रम वेबीनार में विशिष्ट अतिथि के तौर पर आंध्रप्रदेश-तेलंगाना राज्य से सोशल ऑडिट ट्रांसपेरेंसी एवं अकाउंटेबिलिटी टीम की डायरेक्टर सौम्या किदांबी विशिष्ट अतिथि के रुप में सम्मिलित होंगी जो सोशल ऑडिट और जनसुनवाई से संबंधित अपने अनुभव साझा करेंगी और जानकारी देंगी कि किस प्रकार से आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में सोशल ऑडिट टीम के द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही लाने में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कैसे इस बात को इंप्लीमेंट कर बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था लाने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता जैसे उत्तर प्रदेश से मेघराज सिंह बिहार से मोहम्मद अंसारी राजगढ़ से जयपाल सिंह रीवा से कृष्ण नारायण दुबे, सुनील खंडेलवाल आदि सम्मिलित हुए।


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