Damoh MP Khulasa//दमोह में इंफेक्शन नहीं, इलेक्शन!:उपचुनाव की सभाओं के बीच 24 दिन में कोरोना केस डबल; मौतों में प्रदेश में 9वें नंबर पर जिला!

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तस्वीरें गुरुवार को बांसा में हुई चुनावी सभा की हैं। सभी सभाओं में इस तरह भीड़ जमा हो रही है।

दमोह में कोरोना संक्रमण पर विधानसभा उपचुनाव भारी पड़ रहा है। यहां उपचुनाव का नोटिफिकेशन जारी होने के 24 दिन बाद केस दोगुने हो गए हैं। रोजाना 25 से 30 संक्रमित हो रहे हैं। मौतों की संख्या 110 के करीब पहुंच गई है, जबकि सरकारी आंकड़ों में 94 ही दर्ज हैं। हालात यह है कि 94 ही मान लिया जाए, तो दमोह मध्यप्रदेश में मौतों के मामले में नौवें नंबर पर है। उससे ऊपर सिर्फ इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रतलाम, खरगोन ही हैं। इन सभी शहरों में संक्रमण बढ़ने से लॉकडाउन है, लेकिन इलेक्शन को ज्यादा जरूरी मानकर दामोह को लॉकडाउन के दायरे से बाहर कर दिया गया है। सभाओं में भीड़ उमड़ रही है। कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन हो रहा है। तस्वीरें वायरल हैं जिन्हें देखकर लोग कमेंट कर रहे हैं- ‘चुनाव हैं जहां, कोरोना नहीं आता वहां…?’

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वैसे तो प्रदेशभर में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील कर रहे हैं। सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं, लेकिन गुरुवार को बांसा में हुई सभा ऐसी भीड़ नजर आई। इस दौरान मंच से अपील जरूर हुई, लेकिन उसका असर नहीं दिखा। यहां सभा में मुख्यमंत्री के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री गोपाल भार्गव और प्रहलाद पटेल मौजूद थे। इससे पहले भी हुई सभी सभाओं में गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया।

हालत यह है कि गुरुवार को 30 नए संक्रमित सामने आए। साथ ही, दमोह में अब तक 3507 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। इस समय 105 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 13 मरीजों का उपचार ICU में चल रहा है। बावजूद इसके प्रशासन दमोह में संक्रमण की रोकथाम के लिए न तो कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करा पा रहा है और न ही लॉकडाउन जैसे निर्णय लिए गए हैं, जबकि पूरे प्रदेश में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक के लॉकडाउन की घोषणा की गई है। दमोह जिले में लॉकडाउन का निर्णय जिला निर्वाचन अधिकारी को लेना है।

मतदान के बाद बिगड़ सकती है दमोह की स्थिति

दमोह में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी उपचुनाव के चलते आमसभाएं और भीड़ जमा करने का सिलसिला जारी है। हालात यही रहे तो 17 अप्रैल को मतदान के बाद दमोह की स्थिति बिगड़ सकती है। संक्रमण विस्फोट का खतरा बना हुआ है।

बता दें, हाल में दमोह में आयोजित आमसभा में शामिल होने के दो दिन बाद प्रदेश के राजस्व व परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने हाल ही में खुद को होम क्वारंटाइन किया था।

दमोह में 20 मार्च तक कोरोना

कुल मरीज 3009

कोरोनो से मौतें 93

एक्टिव केस 182

– स्वस्थ हुए 2827

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दमोह में 8 अप्रैल तक हालात

कुल मरीज – 3507

एक्टिव केस – 199

कोरोना से मौतें- 110

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स्वस्थ्य हुए- 2963

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