REWA//सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने समस्याओं के निराकरण में पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन

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पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई बन रही आमजन की आवाज – एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी// रायपुर कर्चुलियान की पुरवा पंचायत में आयोजित हुई पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई // 50 लाख से अधिक के वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का अंदेशा// उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने एकस्वर में कहा इसकी जांच हो

 रीवा जिला की ग्राम पंचायतों में एक बार फिर सोशल ऑडिट जनसुनवाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मामला रायपुर कर्चुलियान जनपद की ग्राम पंचायत पुरवा का था जहां पंचायत के भ्रष्टाचार से व्यथित होकर ग्राम की जनता ने दिनांक 9 फरवरी 2021 को सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी की अगुवाई में पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई का कार्यक्रम आयोजित किया। इस बीच ग्राम पंचायत के गणमान्य नागरिक एवं भूतपूर्व सरपंच सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित हुए और अपनी-अपनी समस्याएं रखी। जनसुनवाई में भागीदारी करने के लिए आसपास के गांव से भी लोग पधारे और साथ में मीडिया चैनल पेपर पत्रिकाओं के पत्रकार भी उपस्थित हुए। इस बीच आयोजक मंडल की तरफ से भूतपूर्व सरपंच जोखूलाल कोरी, सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धमुनि मिश्रा, अतुल सिंह तिवारी, राणा सिंह तिवारी आदि लोगों ने कार्यक्रम को आयोजित किया। पब्लिक ऑडिट और जनसुनवाई का कार्यक्रम ग्राम पुरवा के चंडी देवी मंदिर प्रांगण में रखा गया। इस जनसुनवाई में महिलाओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी-अपनी समस्याएं रखी।


लिखित सूचना के बाद भी नहीं पहुंचा कोई अधिकारी, ग्रामीणों ने स्वयं ही कर ली जनसुनवाई

दिनांक 9 फरवरी 2021 को ग्राम पंचायत पुरवा जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान में आयोजित की गई सोशल/पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई की जानकारी और आमंत्रण जिला कलेक्टर रीवा, संभाग आयुक्त रीवा, जिला सीईओ रीवा, जनपद सीईओ रीवा एवं थाना प्रभारी थाना गुढ़ सहित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को दी गई थी लेकिन मौके पर कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि क्योंकि ज्यादातर अधिकारी ग्राम पंचायत के भ्रष्टाचार में स्वयं भी संलिप्त हैं इसलिए जनता के समक्ष उपस्थित नहीं होना चाह रहे हैं।

  इस बीच बता दें कि रीवा जिले में अब तक जितनी भी सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का कार्यक्रम आयोजित हुआ है उनमें से मात्र मऊगंज जनपद की नौढिया प्रहलाद ग्राम पंचायत में मऊगंज के तहसीलदार ही सरकार की तरफ से उपस्थित हुए थे जबकि अन्य लगभग दर्जनभर पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई में कोई भी अधिकारी मौके पर उपस्थित नहीं हुआ है। इस बात को लेकर ग्रामीणों ने काफी आक्रोश जाहिर किया और कहा की सभी की मिलीभगत है इसीलिए कोई मौके पर नहीं पहुंचता।

पंचायती कार्यों के विरुद्ध लोगों का फूटा गुस्सा कहा 50 लाख से अधिक के भ्रष्टाचार की हो जांच

इस बीच उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच सुधा देवी सोनी, सचिव मुनींद्र द्विवेदी एवं रोजगार सहायक सुखेंद्र पटेल के विरुद्ध खुलकर मोर्चा खोल दिया और ग्राम पंचायत के विभिन्न मदों मनरेगा, पंच परमेश्वर के कार्यों में हुए भ्रष्टाचार और अनियमितता की जमकर आलोचना की और साथ में उच्चस्तरीय टीम के द्वारा पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने पब्लिक ऑडिट के दौरान पीसीसी सड़क निर्माण राजमणि पटेल के घर से रामलाल शर्मा के घर की ओर, माध्यमिक शाला पुरवा में पुराने गिरे हुए कुए की भराई, ग्रेवल रोड निर्माण प्रधानमंत्री रोड से देवीदीन बसोर के घर तक, 100 मीटर ग्रेवल रोड निर्माण उमेश मिश्रा के घर से देवीदीन गुप्ता के घर की ओर, ग्रेवल रोड निर्माण 100 मीटर रामदीन गुप्ता के घर से रजनीश गौतम के घर की ओर, ग्रेवल रोड निर्माण 100 मीटर सालिक साकेत के घर से तालाब की ओर, पीसीसी सड़क निर्माण महादेव गुप्ता के घर से रामावतार गुप्ता के घर की ओर, ग्रेवल रोड निर्माण राज बहोर पटेल के घर से जगमोहन पटेल के घर तरफ, नाली निर्माण, पुलिया निर्माण, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास निर्माण, हाई स्कूल ग्राउंड में पेवर ब्लॉक निर्माण, मिडिल स्कूल ग्राउंड में पेवर ब्लॉक निर्माण, प्राथमिक स्कूल ग्राउंड में पेवर ब्लॉक निर्माण आदि दर्जनों कार्य का मौके पर जाकर पब्लिक ऑडिट किया गया और कोई भी कार्य मापदंड के अनुरूप नहीं पाए गए। यहां तक की नाम बदल बदल कर एक ही कार्य के अलग-अलग तरीके से राशियों का आहरण किया गया था। जहां तक सवाल स्कूल प्रांगण में पेवर ब्लॉक का था तो वहां लगभग 10 लाख रुपए की निकासी की गई थी जबकि मौके पर मुश्किल से एक लाख रु का भी कार्य होना नहीं पाया गया। इस प्रकार पब्लिक ऑडिट के दौरान आकलन किया गया तो पाया गया कि यदि ग्राम पंचायत पुरवा जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान की समग्र जांच एक उच्चस्तरीय टीम गठित कर की जाए तो 50 लाख रुपए से अधिक का घोटाला पाया जाएगा।

राशन, पेंशन, शौचालय से संबंधी 50 से अधिक ग्रामीणों ने गिनाई समस्याएं

 इस बीच चंडी देवी मंदिर प्रांगण में आये पुरवा ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी सामान्य समस्याएं गिनाई जिसमें मुख्य रुप से शकुंतला गुप्ता, रमेश कुमार प्रजापति, अनिल कुमार प्रजापति, सत्य प्रकाश शुक्ला, पुष्पा साकेत, सरस्वती साकेत, समयलाल बसोर, फुलवरिया विश्वकर्मा, चंद्रवती साकेत, राजेश साकेत, अमर साकेत, मुनिया कोल, निशा कोल, संगीता रावत, सुमन कोल आदि दर्जनों महिलाओं ने खाद्यान पात्रता पर्ची, बीपीएल राशन कार्ड एवं वृद्धा, विधवा, विकलांग पेंशन संबंधी विभिन्न प्रकार की समस्याएं बताई और कहा कि सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक किसी भी प्रकार से उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं और उन्हें सभी प्रकार की योजनाओं से वंचित रखा हुआ है। उपस्थित ग्रामीणों ने अपनी अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की और कहा कि हमारी यह समस्याएं मुख्यमंत्री सहित कलेक्टर रीवा एवं संभाग आयुक्त रीवा के समक्ष पहुंचनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई बन रही आमजन की आवाज

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने पुरवा ग्राम पंचायत के उपस्थित ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 के तहत साझा की जाने वाली जानकारी के आधार पर आज रीवा संभाग और विशेष तौर पर रीवा जिले में पब्लिक ऑडिट और जनसुनवाई का जो प्रचलन प्रारंभ हुआ है यह काबिले तारीफ है। अब हमारे प्रदेश की जनता जाग रही है जिससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण होगा और साथ में आम जन की आवाज भी सुनी जाएगी। सूचना के अधिकार कानून का महत्व बताते हुए एक्टिविस्ट ने बताया कि आज हर व्यक्ति को मात्र 10 रु की फीस लगाकर सूचना के अधिकार आवेदन के माध्यम से जानकारी मांगनी चाहिए जिससे समाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी और सूचना के अधिकार से व्यक्ति को उनका अधिकार भी प्राप्त होगा। एक्टिविस्ट ने बताया सूचना का अधिकार आज आमजन का सबसे सशक्त हथियार है जिसे इस वर्तमान प्रारूप तक लाने में सामाजिक संगठनों और आरटीआई से जुड़े हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं जैसे अरुणा राय, निखिल डे, प्रभाष जोशी, शंकर सिंह आदि ने काफी योगदान दिया है। आज इस कानून को समझने की आवश्यकता है और इसका अधिक से अधिक उपयोग कर हमें अपने अधिकार और पारदर्शिता के लिए सचेत रहने की जरूरत है।

सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने समस्याओं के निराकरण में पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन

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ग्राम पंचायतों में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार और अनियमितता के विषय में प्रकाश डालते हुए एक्टिविस्ट द्विवेदी ने बताया कि इसके पीछे काफी हद तक हम स्वयं जिम्मेदार हैं जो अपनी बातें समूह में एकत्रित होकर नहीं रखते हैं। आज ग्राम पंचायतों में जब आमजन जागृत हो रहे हैं और अपनी बातें सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के माध्यम से रख रहे हैं ऐसे में शासन प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है और ग्राम पंचायतों के भ्रष्टाचार में नकेल कसी जा रही है। लोकतंत्र में आम जनता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि हमें अपने मताधिकार के प्रयोग से बड़ी-बड़ी सरकारों को बदलने की ताकत है और उसका सही इस्तेमाल करने और अपनी आवाज को मजबूती से बुलंद करने से ही हमें वास्तविक लोकतंत्र का एहसास होगा। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि यदि ग्रामीणों की समस्याएं नहीं सुनी जाती है तो इसके लिए आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री मप्र शासन से मप्र की समस्त 23922 पंचायतों के 14 वें और 15 वें वित्त आयोग और मनरेगा योजना के कार्यों की जांच की माग की।


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