रीवा खुलासा//आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा। एक बार पुनः सूचना के अधिकार की ताकत आई सामने

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रीवा खुलासा – कमिश्नर रीवा के वेतन वृद्धि रोकने के बावजूद सहायक यंत्री संतोष तिवारी ने 420 कर प्राप्त की वेतन। आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा। एक बार पुनः सूचना के अधिकार की ताकत आई सामने।सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने कमिश्नर रीवा संभाग में लगाई थी आरटीआई।मामले पर कार्यवाही के लिए सीईओ जिला पंचायत एवं रीवा कलेक्टर को लिखा

सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी की एक आरटीआई में बड़ा खुलासा हुआ है। दिनांक 3 अगस्त 2021 को कार्यालय कमिश्नर रीवा संभाग में लगाए गए एक सूचना के अधिकार आवेदन में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रीवा के विभिन्न कार्यालयों एवं पंचायत विभाग में पदस्थ रहे सहायक यंत्री रिटायर्ड संतोष तिवारी के विषय में बेहद गंभीर जानकारी उजागर हुई है। आवेदक शिवानंद द्विवेदी के द्वारा रिटायर्ड सहायक यंत्री संतोष तिवारी के विषय में कमिश्नर रीवा संभाग के आदेश क्रमांक 84 दिनांक 9 मार्च 2016 के विषय में जानकारी चाही गई थी जिसमें कमिश्नर रीवा संभाग के द्वारा संतोष तिवारी को दंडित करते हुए एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई थी। वेतन रोके जाने के बाद क्या इस आदेश की तामील हुई और क्या वास्तव में वेतन वृद्धि रोकी इस विषय पर जो जानकारी सामने आई है उसने पंचायत विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार की एक और परत खोल दी है।

इस आरटीआई की जानकारी में दिनांक 5 अगस्त 2021 को बताया गया है कि जिन पांच बिंदुओं की जानकारी आवेदक के द्वारा चाही गई है उसमें सहायक यंत्री संतोष तिवारी की वेतन वृद्धि रोकने के आदेश के बाद यह आदेश और कार्यवाही उसकी सेवा पुस्तिका में दर्ज नहीं की गई है। अधीक्षण यंत्री कार्यालय ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा कमिश्नर के पत्र का जवाब देते हुए बताया गया है की 01/03/2012 से 31/07/2017 तक संतोष तिवारी जनपद पंचायत मऊगंज में सहायक यंत्री के पद पर पदस्थ था। और उनका वेतन उस समय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा से आहरित किया जाता था एवं उनकी सेवा पुस्तिका का संधारण भी वही होता था। सेवा पुस्तिका के परीक्षण में पाया गया कि उक्त वेतन वृद्धि रोंकने के आदेश की प्रविष्टि सेवा पुस्तिका में ही नहीं है। वर्ष 2015, 2016 एवं 2017 की वार्षिक वेतन वृद्धि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा द्वारा स्वीकृत की गई है एवं सेवा पुस्तिका में दर्ज नहीं की गई है।

इस पूरे 420 मामले में कौन-कौन हैं सहभागी

अब सवाल ये उठता है की वरिष्ठ कमिश्नर कार्यालय से वेतन वृद्धि रोकने संबंधी आदेश क्रमांक 84, दिनाँक  09/03/2016 के विरुद्ध न तो तत्कालीन सहायक यंत्री संतोष तिवारी ने कोई कोर्ट से स्थगन लिया और न ही अपील की तो सवाल ये उठता है कि आखिर किस आधार पर उसको वेतन मिलती रही और फिर क्यों सेवा पुस्तिका में दर्ज नहीं हुई? यदि देखा जाए तो इस पूरे मामले में सबसे पहले स्वयं वर्तमान में रिटायर्ड सहायक यंत्री संतोष तिवारी ही जिम्मेदार है क्योंकि यदि किसी को पता हो कि न हो लेकिन संतोष तिवारी को पता था कि उसके विरुद्ध कमिश्नर ने कार्यवाही की है। अब सवाल यह है कि कमिश्नर रीवा संभाग के द्वारा इस पत्र को पृष्ठांकित करते हुए एक प्रतिलिपि तत्कालीन अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रीवा को भी भेजी गई थी तो भले ही उस दरमियान संतोष तिवारी सहायक यंत्री के पद पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से सम्बद्ध न रहा हो और उसकी वेतन ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से न मिलती रही हो लेकिन अधीक्षण यंत्री का यह दायित्व बनता था कि इस महत्वपूर्ण आदेश की जानकारी वह सीईओ जिला को अवश्य दें। लेकिन ऐसा न करते हुए अधीक्षण यंत्री ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ा और कहीं न कहीं इस पूरे मामले में अपनी सहभागिता भी सुनिश्चित की। अब अगले जांच के दायरे में स्वयं जिला पंचायत कार्यालय और वेतन शाखा के प्रभारी भी आते हैं। क्या वास्तव में जिला पंचायत कार्यालय को संतोष तिवारी के वेतन वृद्धि रोकने संबंधी कमिश्नर रीवा संभाग के आदेश की जानकारी नहीं थी? यह अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है क्योंकि इतने महत्वपूर्ण आदेश की जानकारी स्वयं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को होनी चाहिए और साथ में जो व्यक्ति सेवा पुस्तिका में एंट्री करने के लिए जिम्मेदार है वह भी इस घोर लापरवाही और मिलीभगत के लिए जिम्मेदार है। 

अतः यह पूरी तरह से 420 मिलीभगत का मामला है जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के विरुद्ध जाकर सहायक यंत्री संतोष तिवारी अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रीवा एवं सीईओ जिला पंचायत रीवा एवं वेतन शाखा प्रभारी जिला पंचायत रीवा ने कार्य किया।

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मामले की जानकारी जिला सीईओ स्वप्निल वानखेड़े एवं जिला कलेक्टर इलैया राजा टी को प्रेषित

 मामले की जानकारी एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी के द्वारा जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल वानखेड़े और जिला कलेक्टर रीवा डॉक्टर इलैयाराजा टी को प्रेषित कर दी गई है और कार्यवाही की माग की गई है। पूरे मामले में दोषी वर्तमान रिटायर्ड सहायक यंत्री संतोष तिवारी के ऊपर 420 का मामला दर्ज कर पेंशन रोका जाए एवं साथ में दोषी तत्कालीन अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं कार्यालय जिला पंचायत रीवा के संबंधित दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाए इस प्रकार की मांग की गई है।

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