Indore MP Khulasa//गुंडागर्दी करते कर्मचारी:आमजनता से मारपीट के बाद कोर्ट परिसर में घुसे निगमकर्मी तो वकीलों ने सिखाया सबक; अफसर नहीं लगा पा रहे लगाम!

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निगम कर्मी विवाद के बाद सैकड़ों की संख्या में गाड़ियां लेकर थाना परिसर के बाहर खड़े रहे

2020 में लॉकडाउन के दौरान सामने आया ठेला कांड और शहर से बुजुर्गों के साथ अमानवीय हरकत के बाद एक बार फिर से कोरोना काल में निगम की पीली गैंग की दादागिरी सामने आने लगी है। नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी किस तरह से आम जनता को परेशान कर उनके साथ अभद्रता करते हैं, इसके कई उदाहरण और वीडियो लंबे समय से वायरल हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारी के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। मास्क लगाने को लेकर नगर निगम जनता को जागरूक कर रहा है, लेकिन निगम कर्मी कई जगह हाथापाई करते और गाली गलौज करते हुए दिखाई देते हैं।

शनिवार को पहली घटना नगर निगम कर्मियों द्वारा शनिवार 3 अप्रैल को एक अखबार के ऑफिस में जाकर किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। उसके बाद अखबार कर्मचारियों द्वारा विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। कई घंटों तक हंगामा एमआईजी थाना क्षेत्र में चला। विवाद के बाद नगर निगम की पीली गैंग हजारों की संख्या में एमआईजी थाना क्षेत्र में पहुंच गई और मीडिया कर्मी से भी बदसलूकी करते रहे। घटना की जानकारी लगते ही अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे, लेकिन निगम कर्मियों को थाने से हटाने के बजाय वह थाने में जा बैठे और पुलिस के आला अधिकारियों से चर्चा करते रहे। दूसरी ओर अखबार मालिक का आरोप था कि निगमकर्मी बिना नोटिस दिए अखबार का बोर्ड जो कि छत पर लगा हुआ था, उसे निकालने आए थे और कारण पूछने पर ही अखबार के कर्मचारियों से विवाद कर उन्होंने दफ्तर में तोड़फोड़ भी की। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा था कि हजारों की संख्या में खड़े हुए नगर निगम कर्मी दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक थाना परिसर के आसपास खड़े रहे और पूरा शहर किसके भरोसे छोड़ आए यह अंदाजा लगाया जा सकता हैं।

अखबार के दफ्तर में हुई तोड़फोड़

सोमवार को दूसरी घटना-सोमवार दोपहर जिला कोर्ट में उस वक्त हंगामा हो गया जब निगम कर्मचारी कोर्ट परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने वकीलों से मास्क लगाने की बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि कुछ वकीलों द्वारा नगर निगम कर्मियों को सबक सिखाया गया। मौजूद लोगों का कहना था कि नगर निगम की गुंडागर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। अब अधिवक्ता ही हैं जो इन्हें सबक सिखा सकते हैं, जिसके बाद नगर निगम कर्मी वहां से रवाना हो गए। सूत्रों की माने तो 8 से अधिक कर्मचारी जिला कोर्ट परिसर में दाखिल हुए थे। कोर्ट परिसर में मौजूद कुछ अधिवक्ताओं का कहना था कि नगर निगम कर्मियों की गुंडागर्दी शहर में खुलेआम बढ़ गई है और जिला कोर्ट परिसर में कोई भी कार्रवाई से पहले उन्हें संबंधित अधिकारी से भी बात करनी चाहिए, लेकिन अंदर आते से ही अभद्रता करना सही नहीं है।

जिला कोर्ट में अधिवक्ता चर्चा करते हुए

सोमवार को तीसरी घटना -सोमवार दोपहर होते-होते नगर निगम का एक और वीडियो वायरल हो गया, जिसमें हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर का शेड निकालने को लेकर नगर निगम कर्मी और हिंदू कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को मौके पर आना पड़ा, जिसके बाद नगर निगम कर्मी वहां से निकल गए। जानकारी के अनुसार विजय नगर जोन स्थित बॉम्बे अस्पताल के सामने शिव मंदिर पर निगम कर्मी बिना किसी को सूचना दिए मंदिर का शेड निकालने गए थे। घटना की जानकारी लगते ही कई कार्यकर्ता इकट्ठे हो गए और कई घंटों की नोकझोंक के बाद निगमकर्मी वहां से रवाना हुए।

विजय नगर जोन पर निगम कर्मी और हिंदू महासभा के कार्यकर्ता आमने-सामने हुए

5 दिनों पहले हुए थे दो अलग-अलग वीडियो वायरल

वायरल वीडियो – 1 : रंग पंचमी के दिन नगर निगम कर्मियों के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिसमें पहला मामला पाटनीपुरा से एलआईजी चौराहा के बीच का है। यहां पर अपने परिवार के साथ जा रहे युवक को निगमकर्मी रोकते हैं और महिला द्वारा हाथ जोड़कर विनती करने पर भी नहीं मानते हैं और सीधे थाने में ले जाने की बात करते हुए दिखाई देते हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा था कि निगम कर्मी अभद्रता करते हुए दिखाई दे रहे थे।

वायरल वीडियो – 2 : रंग पंचमी पर एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें नगर निगम जोन पर एक दुकान संचालक द्वारा इस बात की जानकारी लेना चाही कि आपने नगर निगम की सील के बिना ही हमें यह चालान दे दिया, लेकिन जैसे ही दुकान संचालक जोन के अंदर जाता है तो निगम कर्मी बिना मास्क लगाए बैठे हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो बनाने पर दुकान संचालक से भी अभद्रता करते हुए निगम कर्मी दिखाई दिए और अंत में मोबाइल भी दुकान संचालक से छीन लिया।

वह मामला जिसमें निगम का खूब विरोध हुआ

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जनवरी माह में एक शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई थी, जिसमे नगर निगम के कर्मचारी बुजुर्ग भिखारियों को एक डंपर में मवेशियों की तरह भरकर शहर के बाहर छोड़ आए थे, जिसका वीडियो भी बहुत वायरल हुआ था। कर्मचारी बुजुर्ग भिखारियों को इंदौर-देवास सीमा पर शिप्रा नदी के पास छोड़कर जा रहे थे। कई बुजुर्ग चल-फिर भी नहीं सकते थे। वो गाड़ी में एक के ऊपर एक लदे हुए थे। उस समय भी निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने रैन बसेरा के दो कर्मियों को बर्खास्त कर दिया था।

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