MP/Rewa//एसडीओ आरडी पांडे ने अगडाल ग्राम पंचायत में की जांच

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जांच में 50 लाख से अधिक के भ्रष्टाचार की संभावना// मामला गंगेव जनपद की ग्राम पंचायत अगडाल का// एक लंबे अरसे से जांच के लिए उठ रही थी माग// सीईओ जिला पंचायत के द्वारा करवाई गई जांच।।

भारत देश ग्रामों का देश है। यहाँ ज्यादातर आबादी ग्रामों में निवास करती है। सरकार द्वारा विभिन्न माध्यमों से गांव के विकास के लिए मनरेगा, पंच परमेश्वर और अन्य योजनाओं के द्वारा जनता के टैक्स के पैसे से अर्जित की जाने वाली राशि विकास कार्यों के लिए भेजी जाती है लेकिन आज स्वतंत्रता प्राप्ति के 73 वर्ष बाद भी गांव की बदहाल दशा देखते ही बनती है। उसका सबसे बड़ा कारण यह है की प्रशासनिक भ्रष्टाचार और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के चलते बंदरबांट कर लिया जाता है और कागज पर काम का होना बता दिया जाता है।

  पंचायतों में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी के द्वारा अभी हाल ही में अगडाल पंचायत की भी शिकायत की गई थी जिसमें बिंदुवार दर्जनों कार्यों की जांच की मांग की गई थी।

अगडाल पंचायत में 50 लाख से अधिक भ्रष्टाचार

अभी हाल ही में दर्जनों पंचायतों में रीवा कलेक्टर डॉक्टर इलैयाराजा टी एवं जिला सीईओ स्वप्निल वानखेड़े के द्वारा धारा 40 और 92 की कार्यवाही की गई जिसमें सरपंच को पद से पृथक करने एवं सचिव के निलंबन और वसूली की कार्यवाहियां सम्मिलित है। लेकिन इसके बावजूद भी पंचायतों में भ्रष्टाचार के नित नए आयाम बनाये जा रहे हैं। गंगेव ब्लॉक की बात करें तो यहां कराधान घोटाला, एलईडी लाइट घोटाला, मनरेगा घोटाला, वित्त आयोग घोटाला ऐसे पता नहीं कितने घोटालों की लिस्ट लगी है। जांच भी चल रही है लेकिन सब कागजों तक ही सीमित है।  ग्राम पंचायत अगडाल जनपद पंचायत गंगेव में दिनांक 4 मार्च 2021 को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अनुविभागीय अधिकारी आरडी पांडे की टीम के द्वारा जांच की गई। जांच में पीसीसी सड़क निर्माण, खेत तालाब निर्माण, खेत सड़क निर्माण, सोख्ता गड्ढा निर्माण, मेढ़ बंधान निर्माण, शौचालय निर्माण, पुलिया निर्माण, रपटा निर्माण आदि निर्माण कार्यों की जांच हुई जिसमें कई कार्य तो मौके पर पाए ही नहीं गए जबकि कई कार्यो में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया।

सरपंच सचिव ने नहीं उपलब्ध कराएं अभिलेख

जांच के दौरान ग्राम पंचायत भवन अगडाल में सरपंच और रोजगार सहायक को अभिलेख उपलब्ध कराए जाने के लिए एसडीओ के द्वारा लेख किया गया लेकिन जहां सचिव ने बीमारी का बहाना बनाया वही सरपंच और रोजगार सहायक ने अभिलेख उपलब्ध करवाने में कोई रुचि नहीं ली। यहां तक की जांच में सम्मिलित रहे रोजगार सहायक पुष्पराज पटेल ने मौका पंचनामा के दौरान हस्ताक्षर भी करने से इनकार किया।

सरपंच के गुर्गों ने जांच के दौरान किया हंगामा, पुलिश ने दी दविश

 जांच प्रारंभ होने के पूर्व ग्राम पंचायत भवन अगडाल में एसडीओ आरडी पांडे की टीम ने सरपंच सचिव को दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए कहा तो सरपंच ने अपने गुर्गों को लगा दिया और लगभग 50 की संख्या में एकत्रित सरपंच के गुर्गे दारू पीकर हंगामा करने लगे जिसकी वजह से जांच प्रभावित हुई। बाद में शिकायत पक्ष से पुलिश को इन्फॉर्म किया गया और तब पुलिश के आने के बाद मामला शांत हुआ। मामले की जानकारी गढ़ थाना प्रभारी और डायल 100 को दी गई जिसके 2 घंटे बाद पुलिस पहुंची और तब जाकर कुछ शांति बनी। बाद में डायल हंड्रेड के सिपाही ने कहा जो भी लोग हंगामा और जांच प्रभावित करेंगे उनकी फोटो यदि मिल जाएगी तो कार्यवाही हो जाएगी।

सरपंच के इन चमचों ने जांच प्रभावित करने का किया प्रयास

 मौके पर सरपंच तो उपस्थित नहीं हुआ लेकिन अपने गुर्गों को लगा दिया जिनमें सम्मिलित अशोक पटेल पिता रामलल्लू पटेल, सुनील पटेल पिता राजभान पटेल, कम्मू पटेल पिता गंगादीन पटेल, सुरेंद्र सिंह पिता तिलक राज सिंह, तिलक राज सिंह, संतोष पटेल पिता राजमणि पटेल आदि असामाजिक तत्वों ने अनुविभागीय अधिकारी आरडी पांडे और उपयंत्री त्रिपाठी को भी बुरा भला कहने का प्रयास किया और जांच के दौरान पंचनामा बनाने में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया। सुरेंद्र सिंह और तिलक राज सिंह निवासी अमिलिया ने मौके पर गाली गलौज भी किया जिसकी ग्रामीणों ने विरोध भी किया।

शिकायत पक्ष से उपस्थित ग्रामवासियों में कृष्ण कुमार पटेल, सत्यनारायण पटेल, रमाकांत पटेल, सुरेश पटेल आदि सम्मिलित रहे।

सरपंच पति ने अनुराधा ट्रेडर्स के नाम से खोल रखा है कंपनी

उधर अनुराधा ट्रेडर्स नाम से अगडाल सरपंच पति विष्णु पटेल ने अपने परिजनों के साथ मिलकर गिट्टी बालू सीमेंट सरिया आदि बेचने के लिए दुकान खोल रखी है जिसमें न केवल अगडाल पंचायत बल्कि आसपास की कई पंचायत में उसी ट्रेडर्स के नाम से फर्जी बिल जारी किए जाते हैं और सरकार को चूना लगाया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि नियम के अनुसार कोई भी सरपंच सचिव स्वयं य अपने परिजनों को लाभ देने के लिए ऐसी कोई संस्था नहीं बनाएगा जिसका संबंध सीधे पंचायती कार्यों से हो। जहां एक ओर इस प्रकार के ट्रेडर्स जांच के दायरे में आते हैं वहीं दूसरी तरफ जीएसटी के नाम पर लाखों की हो रही चोरी की जांच भी होनी अनिवार्य हो जाती है। यदि जीएसटी टीम का छापा पड़े तो समझ में आएगा कि अनुराधा ट्रेडर्स ने आज तक कोई जीएसटी बिल ही भुगतान नहीं किया है।
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कब तक आएगी जांच रिपोर्ट

यदि जांचकर्ता अनुविभागीय अधिकारी आरडी पांडे की माने तो जल्द ही जांच रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ को सौंप दी जाएगी। जांच के दौरान समस्त बिंदुओं की बिंदुवार जांच की गई और मौका सत्यापन किया गया जिसके बाद हर एक कार्य का पंचनामा भी बनाया गया है और अभिलेख मिलने के बाद जल्द ही जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला पंचायत सीईओ को सौंप दी जाएगी। 

जानकारी देते हुए जांच अधिकारी आरडी पांडे ने बताया की पूरी पंचायत में कई लाख की रिकवरी संभावित है। क्योंकि कई कार्य मौके पर पाए ही नहीं गए हैं जिनके नाम से फर्जी बिल जारी किए गए।


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