Bhopal MP Khulasa//व्यापमं परीक्षा में गड़बड़ी:10 टॉपर्स के एक जैसे नंबर और एक ही तरह की गलती, सीएम ने जांच के आदेश दिए!!

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8 साल में डिग्री पूरी की, फिर भी मैथ्स में पूरे मार्क्स मिले।
  • कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी की परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी
  • 10 और 11 फरवरी को हुई थी परीक्षा, 17 को लिस्ट जारी हुई

प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा कराई गई कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी की परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इस परीक्षा के सभी 10 टॉपर्स के एक जैसे नंबर आए हैं और गलती भी एक ही तरह की है। यह भी पता चला कि इनका कॉलेज भी एक ही है।

पीईबी ने यह परीक्षा फरवरी 11-12 फरवरी को आयोजित की गई थी। जब रिजल्ट आया तो ग्वालियर के राजकीय कृषि कॉलेज से बीएससी पास आउट 10 छात्रों के एक जैसे नंबर आ गए। आश्चर्य यह है कि कृषि विकास अधिकारी के लिए हुई परीक्षा में इन सभी ने जिन सवालों के गलत उत्तर दिए हैं, वे भी एक जैसे हैं। उन्हें जितने मार्क्स मिले हैं, वह इस परीक्षा के लिए एक रिकाॅर्ड है। यह सभी 10 चंबल क्षेत्र के हैं और इनमें से 9 एक ही जाति के बताए जाते हैं।

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं

शिकायतकर्ता रमेश सिंह तोमर ने सवाल उठाया कि इन कैंडिडेट्स को सामान्य ज्ञान की परीक्षा में फुल मार्क्स मिले, लेकिन जब पीईबी ने आंसर शीट जारी की तो तीन सवालों के गलत जवाब दिए। दिलचस्प यह है कि टॉप स्कोरर परीक्षार्थियों ने भी उन्हीं तीनों सवालों के गलत जवाब दिए हैं। हम नहीं जानते कि यह संयोग है या साजिश, लेकिन यह कैसे संभव है कि उन्होंने समान गलत उत्तर दिए खासकर बेसिक सवाल का जो कक्षा 11 में पढ़ाया जाता है। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।

8 साल में डिग्री पूरी की, फिर भी मैथ्स में पूरे मार्क्स मिले

पीईबी ने 10-11 फरवरी को यह परीक्षा आयोजित की थी। 17 फरवरी को आंसर शीट के साथ सफल उम्मीदवारों की संभावित लिस्ट भी जारी की गई। इसमें जनरल नॉलेज की परीक्षा में सभी 10 छात्रों को एक जैसे अंक मिले। जानकारी के मुताबिक टॉपर्स में शामिल मनीष शर्मा के 194, जितेंद्र शर्मा के 189, निवेश शर्मा के 188 नंबर आए हैं। टॉपर्स में शामिल एक उम्मीदवार को मैथ्स में पूरे मार्क्स मिले हैं जबकि बीएससी में वह सांख्यिकी में 4 बार फेल हुआ था और 8 साल में उसकी डिग्री पूरी हुई थी। सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि व्यापमं ने इस परीक्षा की जिम्मेदारी एनएसईआईटी को दी थी, जो पहले से आरोपों में रही है। वर्ष 2017 में यूपी में सब इंस्पेक्टर परीक्षा में गड़बड़ियों के चलते एनएसईआईटी को ब्लैकलिस्ट किया गया था।

छात्रों ने की शिकायत- आखिर, उन्हें 200 में से 195 और 194 अंक मिले हैं

खुलासा संवाददाता ने ग्वालियर के उसी कॉलेज के एक पूर्व विद्यार्थी से बात की, जिन्होंने इनसे बात की थी। जयदीप भदौरिया नामक इस छात्र ने बताया कि सर्वोच्च 10 स्थानों पर रहे स्टूडेंट चंबल डिवीजन से हैं। इन्होंने बीएससी (कृषि विज्ञान) राजकीय कृषि कॉलेज ग्वालियर से की है। लगभग सभी स्टूडेंट्स ने चार साल की डिग्री को पांच या अधिक सालों में पूरा किया। उन्होंने बताया कि यह लोग अपने कॉलेज में कहते थे कि अब अपना सलेक्शन तो पक्का है।

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ऐसे में संभावना है कि या तो उनके पास प्रश्नपत्र था या फिर अंदर से उन्हें मदद मिली है। जयदीप ने कहा, पास होने वाले छात्रों को 200 में से 195 और 194 अंक मिले हैं, जो कि परीक्षा के इतिहास में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा इस मामले की जांच से पहले परीक्षा निरस्त होना चाहिए!

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