MP में कोरोना:महाराष्ट्र के बाद अब छत्तीसगढ़ की सीमा सील, जबलपुर सांसद राकेश सिंह कोरोना पॉजिटिव; शिवराज बोले- जहां जरूरत पड़ी, वहां लॉकडाउन लगाया जाएगा!

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इंदौर में 15 अप्रैल के बाद सरकारी दफ्तरों में 45+ वाले बिना वैक्सीन लगवाए एंट्री नहीं कर पाएंगे!

मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू हो गया है। संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। 3 अप्रैल को 3178 संक्रमित मिले। संक्रमण दर 11 फीसदी पर पहुंच गई है। 31 जिलों में कोरोना के 20 से ज्यादा केस मिले हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ से लगी राज्य की सीमाएं सील कर दी गई हैं। महाराष्ट्र से लगी सीमा पहले ही सील की जा चुकी है। CM शिवराज सिंह चौहान ने बढ़ते कोरोना केस पर कहा कि जहां जरूरत पड़ी, वहां लॉकडाउन लगाया जाएगा। जबलपुर से भाजपा सांसद राकेश सिंह की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

इंदौर में सबसे ज्यादा 737 संक्रमित मिले। भोपाल में 536, जबलपुर में 224 और ग्वालियर में 120 संक्रमित सामने आए हैं। प्रदेश में एक्टिव केस का आंकड़ा भी 20 हजार 369 तक पहुंच गया है। सरकार का अनुमान है कि अप्रैल के आखिर तक कोरोना अपने पीक पर पहुंच सकता है। इसे देखते हुए सरकार ने फिर से कोविड केयर सेंटर बनाने का फैसला किया है।

भोपाल में संडे लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर आने-जाने वालों को रोका।

इंदौर: 5 गुना बढ़े एक्टिव केस

इंदौर में 3 अप्रैल को दो लोगों की संक्रमण से मौत हुई है। इंदौर में महीनेभर में अब तक सबसे तेज गति से एक्टिव केस 4.75 गुना बढ़ गए हैं। यहां पर 5209 एक्टिव केस हैं। CM शिवराज सिंह चौहान ने यहां दस हजार और बेड की व्यवस्था करने को कहा है। कलेक्टर मनीष सिंह ने 15 अप्रैल के बाद सरकारी दफ्तरों में 45 साल से ऊपर आयु वालों को वैक्सीन अनिवार्य कर दिया है। एंट्री तभी मिलेगी जब कोविड-19 वैक्सीन का सर्टिफिकेट पास होगा।

कोविड शव का हो पाएगा पोस्टमार्टम: 

इंदौर में कोविड से मरने वाले मरीजों के पोस्टमार्टम की मंजूरी मिल गई है। एमजीएम मेडिकल काॅलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित के मुताबिक, एथिकल कमेटी के पास यह प्रस्ताव जाएगा और वहां से मंजूरी के बाद मेडिकल कॉलेज परिजन की सहमति लेकर शव का पोस्टमार्टम कर सकेगा। इससे पता चलेगा कि आखिर वायरस किस अंग पर ज्यादा असर कर रहा है, जिससे मरीज की मौत हो रही है।

अभी तक रिसर्च में सामने आया है कि कोविड मरीजों के फेफड़े पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं, किडनी पर भी असर होता है और खून के थक्के बनते हैं। पोस्टमार्टम के बाद और भी कई तथ्य सामने आ सकेंगे। अभी दिल्ली एम्स और भोपाल एम्स में कोरोना से मरने वाले का पोस्टमार्टम होता है।

भोपाल: 10 दिन में 5 हजार मरीज बढ़े

भोपाल में पिछले 10 दिन में 5000 मरीज बढ़े हैं। इससे पहले सबसे तेज 5000 मरीज 20 दिन में 27 अक्टूबर से 16 नवंबर 2020 के बीच बढ़े थे। तीन दिन से औसतन 500 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। शनिवार को 526 मरीज मिले। यहां के टीटी नगर स्टेडियम में एक ही दिन में 10 खिलाड़ियाें समेत 15 पाॅजिटिव आए हैं। अब यहां डे-बाेर्डिंग और पे एंड प्ले स्कीम वाले खिलाड़ियाें की एक्टिविटी बंद कर दी गई हैं।

ग्वालियर: लगातार चौथे दिन 100 से ज्यादा केस

ग्वालियर में कोरोना संक्रमण अप्रैल की शुरुआत से ही खतरनाक होता जा रहा है। जिले में लगातार चौथा दिन है, जब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 100 के पार रहा है। शनिवार को जिले में 120 नए मरीज मिले। दो लोगों की मौत भी हुई है।

जबलपुर: संक्रमण की रफ्तार 7 माह पहले जैसी

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जबलपुर में शनिवार को कोरोना संक्रमण में फिर से इजाफा हुआ। इस साल एक दिन में सबसे ज्यादा 224 नए संक्रमित शनिवार को मिले। वहीं एक की जान संक्रमण के चलते गई है। यह लगतार 11वां दिन था, जब किसी मरीज की मौत हुई हो। 193 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया।

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