Umariya (M.P.)// Nowrozabad// आरोपियो ने मारपीट कर महिला का तोड़ दिया पैर, रिपोर्ट लिखाने के बाद भी आरोपी घूम रहे खुलेआम,पुलिस का काम सवालों के घेरे में

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नौरोजाबाद 03 जून – मामला नौरोजाबाद थानांतर्गत ग्राम मसूरपानी का है, जहा 16 मई को गांव के ही 4 आरोपियो द्वारा आपसी रंजिश के चलते मसूरपानी निवासी लल्ली बाई रजक पति गनपत रजक उम्र 45 वर्ष के साथ लात घूंसों से पिटाई की गई और जमीन पर पटक कर मारा, जिससे घायल लल्ली बाई का पैर टूट गया, कमर में गंभीर चोंट आई और भी चोंट के निशान मौजूद है।

हड्डी टूट जाने की वजह से मरीज को तुरंत कटनी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहा पैर का ऑपरेशन होने के बाद प्लास्टर बांधा गया ।

पैर टूटने के बाद लगे टांके
दर्द इन्होंने सहा और मौज आरोपी उड़ा रहे

इस क्रम में हफ़्तों फरियादिया को हॉस्पिटल का दंश झेलना पड़ा और आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। साथ ही बीच बचाव में आए छोटे बेटे संजय रजक को भी आरोपियो ने जमकर पीटा जिससे उसे भी चोंटे आई है।


जब गांव वाले बीच बचाव में आए तो आरोपी यह कहते हुए निकल गए कि आज गांव वालों ने तुमको बचा लिया । अगली बार जान से मार देंगे।
घटना की नौरोजाबाद थाने में 22.05 2021 को लिखित सूचना दी गई।इसके बाद मेडिकल सर्टिफिकेट की बात कहकर FIR नही लिखी गई।

जिसके बाद फ़रियादी ने दोबारा ऑटो बुक कर पीड़ित समेत थाने जाकर 27.05.2021 को इस आशय से FIR कराई कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो और फरियादी को न्याय मीले।

नही लगी संतोषजनक धाराएँ-:


लेकिन यहाँ पर भी आरोपि 1.संतोष रजक 2. राधा रजक 3. रवि विश्वकर्मा 4. पिंटू रजक के खिलाफ़ कार्यवाही के नाम पर लिपापोती ही कि गई । FIR के नाम पर गैरजमानती अपराध करने वाले आरोपी के खिलाफ कोई ढंग की धाराएं भी नही लगाई गई। जिससे आरोपियो के हौसले बुलंद है, आज भी खुलआम घूम रहे है।

आज इतने दिवस बीत जाने के पश्चात भी आरोपी कानून की नजरो में धूल झोंकते नजर आ रहे है। अभी तक पुलिस आरोपियो को गिरफ्तार नही कर पाई,और कार्यवाही शून्य पड़ी हुई है।
कानाफून्सी यहा तक है कि पुलिस के साथ सांठगांठ के चलते मामला दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

लगनी चाहिए थी ये भी धाराएँ-:
1.आईपीसी सेक्शन 325

अगर कोई शख्स किसी को गंभीर चोट पहुंचाता है, तो फिर आईपीसी की सेक्शन 325 के तहत केस दर्ज होता है | यह मामला भी ‘ Cognizable offence’ की कैटेगरी में आता है | लेकिन है समझौतावादी है इसके साथ ही यह जमानती अपराध भी है | इसमें समझौता भी हो सकता है और इस में जमानत हो सकती है।

2. आईपीसी सेक्शन 326

अगर कोई शख्स किसी घातक हथियार से किसी को गंभीर रूप से जख्मी कर दे तो आईपीसी सेक्शन 326 के तहत केस दर्ज करता है . किसी को चाकू मारना , किसी अंग को काट देना या ऐसा कोई जख्म देना जिससे जान का खतरा हो जाए , ऐसे अपराध इस कैटेगरी में आते हैं | अगर किसी के साथ मारपीट करके कोई हड्डी या दांत तोड़ दिया जाए तो भी आईपीसी सेक्शन 326 के तहत ही केस दर्ज होता है | यह गैरजमानती और गैर समझौतावादी क्राइम है यानी इसमें ना तो जमानत होती है और ना ही इसमें समझौता होता है . दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद या फिर उम्र कैद तक हो सकती है |

3. आईपीसी सेक्शन 307

अगर किसी पर कोई उसकी जान लेने की नियत से हमला करता है , उसको मारना चाहता है और फिर उस पर हमला करता है तब आरोपी पर आईपीसी सेक्शन 307 यानी हत्या की कोशिश यानी अटेंप्ट टू मर्डर केस दर्ज होता है | इसमें दोषी पाए जाने पर उमर कैद तक की सजा हो सकती है|
पुलिस ने धाराएं तो लगा दी पर यहा भी सिर्फ दिखावा ही नजर आ रहा है।

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देखने वाली बात होगी आरोपियो के खिलाफ कोई कार्यवाही होगी या फरियादी ही चुपचाप सहेगा अन्याय।

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