REWA MP KHULASA//पानी की बढ़ती जरूरतें पूरी करने के लिए वॉटर ट्रीटमेंट सर्वोत्तम विकल्प :रितेश मिश्रा

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कैरियर और नौकरी के क्षेत्र में कुछ अवसर ऐसे होते हैं जिनकी ओर अब तक जैसे ध्यान देना चाहिए वैसे ध्यान नहीं दिया गया है। इस अवसर पर शुद्ध पानी और गंदे पानी पर प्रक्रिया का उद्योग एक उत्तम विकल्प है। इन दिनों देश में पानी की समस्या कितनी गंभीर होती जा रही हैं इसकी कल्पना आपको है ही। आने वाले समय में पानी का संकट इतना विकट हो जाएगा कि, पानी की हर बूंद हिसाब से इस्तमाल करनी पड़ेगी। दूषित पानी को गटर में न छोड़ कर उस पर प्रक्रिया करके उसका दोबारा इस्तमाल किया जा सकता है। जिससे आने वाले समय पर पानी की बचत हो सकती है। यह सम्पूर्ण जानकारी विज एसोसिएट के डायरेक्टर और प्रदूषण परामर्शदाता रितेश मिश्रा ने दी है। विज एसोसिएट वाटर ट्रीटमेंट साधन के साथ ही इंडस्ट्री, सोसाइटी, के प्रदूषित पानी पर प्रक्रिया करता है, इसके लिए अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट विज एसोसिएट द्वारा लगाये जाते हैं। जिसे चलने के लिए कुशल मानव संसाधन की आपूर्ति विज एसोसिएट करता है। सन 2020 में इसकी स्थापना हुई और जल्द ही इस छेत्र में अपनी ख्याति बनाते हुए हर महीने 12 लाख लीटर पानी प्रोसेस किया जाता है | रितेश ने बताया कि, दूषित जल प्रक्रिया से पर्यावरण की रक्षा करना संभव हैं। जहां बस्तियां हैं वहां दूषित पानी तैयार होना स्वाभाविक है। पानी के इस्तमाल के बाद जो पानी अशुद्ध होकर पुनः इस्तेमाल के लायक नहीं रहता, ऐसा पानी दूषित पानी कहा जाता है। जिसे ठिकाने लगाना लोगों के स्वस्थ के लिए महत्वपूर्ण है। ये दूषित पानी अगर कही जमा हो गया तो उसमे विषाणु होते जिसकी संख्या भी लगातार बढ़ती रहती है। इसी वजह से हवा में भी बदबू भर जाती है औऱ सामाजिक स्वास्थ बिगड़ जाता है। जैसे दूषित पानी में विषाणुओं के लिए बड़े पैमाने पर पोषक द्रव्य रहते हैं वैसे ही वनस्पति के लिए भी पोषक द्रव्य बड़े पैमाने पर रहते है। वनस्पति में मुख्यत: फास्फोरस व नाइट्रोजन के समावेश से पानी में बड़े पैमाने पर वनस्पति की वृद्धि होती है और उसके परिणाम के रूप में हम जल पर्णी को देखते हैं। यह वनस्पति जलचरो का अच्छा खाद यदि बनती है तो रात के समय पानी के ऑक्सीजन का स्तर बड़े पैमाने पर काम करता है। इसलिए दूषित जल शुद्धिकरण का मुख्य उद्देश्य मुख्यत पर्यावरण की रक्षा है। जिसका फायदा शहरी क्षेत्रों को ज्यादातर होगा |
रितेश ने बताया की हम जो पानी पीते हैं, वह पानी शुद्ध है । क्या इसकी पहचान करना आवश्यक है..? शुद्ध पानी भी दूषित होता है और बीमारियां बढ़ती हैं। लेकिन कम करने के लिए प्रक्रिया करके शुद्ध किया गया पीने का पानी लोगों का रुझान बढ़ा हैं। नल में आनेवाले और मनपा द्वारा शुद्ध किए गए पानी को इस्तेमाल करने की हिम्मत नहीं रह गई है। पचास प्रतिशत लोग ऐसा शुद्ध किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करते हैं। पानी प्रक्रिया में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, इजराइल जैसे देश में समुद्र के पानी पर प्रक्रिया कर वह पानी कृषि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भारत में भी ऐसी घड़ी आने वाली है और आ जाए तो इस क्षेत्र में लाखों रोजगार निर्मित होंगे। इसके अलावा अधिकाधिक लोग ऐसे शुद्ध किए गए पानी का ही उपयोग करेंगे। इस कारण से उद्योगों में विशाल अवसर है। पानी शुद्ध करने की इस प्रक्रिया में पानी को शुद्ध करने वाले जो घटक हैं, उन्हें पहचानना और हटा देना जैसी दो प्रक्रियाओं का समावेश रहता है। इसीलिए रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, वनस्पति शास्त्र, माइक्रोबायोलॉजी, और इंजीनियरिंग शाखा के ग्रेजुएट्स के लिए उत्कृष्ट अवसर हैं।

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